CDS अनिल चौहान ने हिमालयी सीमाओं पर व्याख्यान दिया।
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को लोक भवन में ‘भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (भीष्म)’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भीष्म का लोगो व वेबसाइट का अनावरण भी किया। देहरादून स्थित यह रणनीतिक थिंक टैंक राज्य के बौद्धिक संसाधनों को एकजुट कर उत्तराखंड को राष्ट्रीय चिंतन का केंद्र बनाएगा।
मंच की स्थापना चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान व लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह (सेनि) के नेतृत्व में हुई है। अन्य प्रमुख सदस्यों में कर्नल (डॉ.) गिरिजा शंकर मुंगली (सेनि), संजीव चोपड़ा आईएएस (सेनि), प्रो. दुर्गेश पंत, प्रो. दीवान सिंह रावत, प्रो. सुरेखा डंगवाल, नितिन गोखले व राजन आर्य शामिल हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हिमालयी सीमाओं वाली उत्तराखंड की रणनीतिक स्थिति इसे विशेष जिम्मेदारी देती है। ‘भीष्म’ राष्ट्रीय सुरक्षा, नीति-निर्माण पर समावेशी विमर्श का केंद्र बनेगा। उन्होंने अजय कुमार सिंह व अनिल चौहान के योगदान की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि CDS जनरल अनिल चौहान ने ‘फ्रंटियर्स, बॉर्डर्स एंड एलएसी: द मिडिल सेक्टर’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मध्य हिमालयी सीमाओं के महत्व, अवसंरचना विकास व जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला। चौहान ने कहा कि उत्तराखंड जैसे क्षेत्र से उपजा चिंतन राष्ट्रव्यापी प्रभाव डालेगा।
लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मध्य कमान जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने उद्घाटन भाषण दिया। संजीव चोपड़ा ने विचार व्यक्त किए। चिंतक, सेना अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे।


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