लोक भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम का स्थापना दिवस।

देहरादून।आज लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम राज्य के स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने दोनों राज्यों के निवासियों को हार्दिक बधाई दी और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक समृद्धि व राष्ट्रभक्ति की सराहना की।

    राज्यपाल ने कहा कि भौगोलिक दूरियाँ हमें अलग नहीं करतीं, बल्कि हमारी विविधता राष्ट्र को समृद्ध बनाती है। उन्होंने अरुणाचल की राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां ‘नमस्ते’ के स्थान पर ‘जय हिन्द’ की परंपरा गौरवशाली है। उन्होंने तवांग और परशुराम कुंड जैसी पावन कड़ियों का स्मरण किया। मिजोरम की उच्च साक्षरता दर, नागरिक बोध और ‘चेराव’ नृत्य की सराहना करते हुए उन्होंने इसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को उत्सव बनाने वाला राज्य बताया।

    राज्यपाल ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक एकात्मता का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का सशक्तीकरण ही राष्ट्र सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य तभी साकार होगा जब हम राष्ट्र प्रथम के भाव को जीवन का मानक बनाएँगे और विविधता को विभाजन नहीं, शक्ति के रूप में स्वीकार करेंगे।

    स्थापना दिवस के इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने दोनों राज्यों के राज्यपालों के शुभकामना संदेशों को सुना। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अरुणाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक लोक नृत्य और मिजोरम के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर गीत रहे, जिन्होंने लघु भारत की जीवंत तस्वीर पेश की। इस अवसर पर अपर सचिव श्री राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, वित्त नियंत्रक व कार्यक्रम संचालिका डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
                                                               

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