देहरादून। प्रदेश की राजधानी में हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और सरकारी दफ्तरों तक में अधिकारी व कर्मचारी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यदि प्रशासनिक संस्थानों में ही सुरक्षा का अभाव दिखाई दे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लालचंद शर्मा ने कहा कि आशारोड़ी रेंज कार्यालय में वन कर्मियों के साथ मारपीट और उनकी वर्दी फाड़े जाने की घटना बेहद गंभीर है। इसके अलावा शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए कथित हमले को भी उन्होंने कानून के प्रति घटते भय का संकेत बताया। उनका कहना था कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर रविवार को देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया। पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा और पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति दर्ज कराने के संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि यदि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा पा रही है, तो यह शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दबाव में आकर सरकारी अधिकारियों पर हमला करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
कांग्रेस नेताओं ने घटनाओं की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो इससे शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को आघात पहुंचेगा।
राजधानी में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है तथा कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों का जवाब किस प्रकार देती है।

विरोध प्रदर्शन में पूर्व उपाध्यक्ष नगर पालिका संजय शर्मा,पार्षद अर्जुन सोनकर, पार्षद वीरेंद्र सिंह बिष्ट, सुनील कुमार बांगा, प्रीतम सिंह आर्य,आशु रहतुरी ,अशोक कुमार,संजय गुरुंग व्यापारी मनोज कुमार, राजेश मित्तल राहुल कुमार महताब, आलम,राम कपूर अजीत सिंह चमन लाल, राजेंद्र सिंह, रजत,आमिर खान,सनी सोनकर,राहुल कुमार, मुकेश गुप्ता,दानिश, मुनेश, शिव सोनकर आदि शामिल थे।

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