उत्तरकाशी। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के एक प्रमुख और समर्पित सेनानी महेश सिंह पवार का आज उत्तरकाशी में निधन हो गया। वे 64 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से राज्य आंदोलनकारियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने पवार के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि महेश सिंह पवार ने उत्तराखंड आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस दौरान वे कई बार जेल भी गए। उन्होंने कहा, “महेश सिंह पवार उत्तराखंड राज्य निर्माण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध थे। उन्होंने असंख्य सत्याग्रहों, धरनों और प्रदर्शनों में सक्रिय भागीदारी निभाई।”
धीरेंद्र प्रताप ने आगे बताया कि राज्य निर्माण के बाद भी पवार का जुनून कम नहीं हुआ। वे राज्य के विकास के प्रति भी उतने ही गंभीर थे और उन्होंने उत्तरकाशी में कई विकास कार्यक्रमों का आयोजन कराया, जिससे क्षेत्र के विकास को एक दिशा मिली। धीरेंद्र प्रताप ने इस निधन को राज्य आंदोलनकारियों के लिए एक अपूरणीय क्षति और दुखद समाचार बताया है।
बताया जा रहा है कि महेश सिंह पवार की अंत्येष्टि आज सुबह उत्तरकाशी में की जाएगी, जहाँ बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दिए जाने की उम्मीद है।

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