देहरादून।उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान राजपुर क्षेत्र में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन से सुनील राठी गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों—भानू चौधरी (पुत्र आलोक कुमार) और पारस (पुत्र जगपाल सिंह)—को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की दो अवैध पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी देहरादून में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में सक्रिय अपराधियों और बाहरी राज्यों से आए संदिग्धों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए चल रहे सत्यापन/निगरानी अभियान के तहत एसटीएफ और जिला पुलिस लगातार इनपुट जुटा रही थी। इसी क्रम में तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर 26 फरवरी 2026 को चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई। मामले में थाना राजपुर में मु0अ0स0 40/2026 के तहत धारा 111(3) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पूछताछ में पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि आरोपी पारस पूर्व में मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा गैंग का शूटर रहा है और उनके निधन के बाद वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी सुनील राठी के इशारे पर हरिद्वार और देहरादून की कई बेशकीमती व विवादित जमीनों में हस्तक्षेप कर उगाही की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन की जांच में पारस का जेल में निरुद्ध सुनील राठी से लगातार संपर्क सामने आया है, साथ ही भानू के साथ भी उसका सुनील राठी से मिलने-जुलने का सिलसिला बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, देहरादून और हरिद्वार के कुछ व्यापारियों को सुनील राठी के नाम का भय दिखाकर परेशान किए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि डर के कारण कोई शिकायतकर्ता खुलकर सामने नहीं आया। पूछताछ में हरिद्वार के एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर का नाम भी प्रकाश में आने की बात कही गई है, जो पहले हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के देहरादून आने के उद्देश्य और पूरे नेटवर्क के संभावित पहलुओं पर गहन जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में भानू चौधरी, निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर, सहारनपुर (उ.प्र.) तथा पारस, निवासी प्रेमपुरी, थाना कोतवाली, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पारस के खिलाफ पूर्व में हत्या, धमकी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज रहे हैं। इस संयुक्त कार्रवाई में उत्तराखण्ड एसटीएफ व थाना राजपुर की टीम शामिल रही।

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