देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति को लेकर छिड़ा विवाद अब सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ा गया है। मामले में माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा अवमानना प्रकरण में की गई कड़ी फटकार के बाद सामाजिक संगठन ‘जन प्रहार’ ने सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पिटकुल मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के ऊर्जा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि न्यायालय की अवमानना का यह मामला सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की जवाबदेही और कानून के प्रति उसके रवैये को उजागर करता है।
प्रदर्शन में मौजूद ‘जन प्रहार’ की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा, “यह प्रकरण केवल एक अधिकारी की नियुक्ति का नहीं रह गया है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अवमानना की कार्यवाही के दौरान सचिव स्तर पर की गई कड़ी टिप्पणियों ने सरकार की लापरवाही को बेनकाब कर दिया है। यह शासन की जवाबदेही और कानून के सम्मान का सवाल है, जिसे सरकार ने दरकिनार किया है।”


प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सहसंयोजक पंकज सिंह क्षेत्री ने ऊर्जा मंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इससे साफ है कि विभागीय मंत्री की मिलीभगत या लापरवाही के कारण ही न्यायालय की गरिमा प्रभावित हुई है।” उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ‘मंत्री मुर्दाबाद’ और ‘सरकार जवाब दे’ के नारे लगाए।
संगठन के प्रवक्ता रविन्द्र गुसाईं ने प्रदर्शन में मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, “यह राज्य सरकार की निष्क्रियता का मामला है। मुख्यमंत्री को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।”
इस दौरान नवीन चौधरी, सूरज, आदेश कोहली, कृष कपूर, हिमाल थापा, नसीम मोहम्मद, रफीक मोहम्मद और अभिषेक थापा सहित संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद जन प्रहार टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि अवमानना प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में व्यापक रूप दिया जाएगा। सरकार पर दबाव बनाने के लिए आगे भी प्रदर्शन और धरने जारी रखने का ऐलान किया गया है।


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