देहरादून।लोक भवन सूचना परिसर में आज उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से प्रख्यात सूफी गायक एवं कवि सतिंदर सरताज ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच संगीत, सूफियाना परंपरा, भारतीय संस्कृति और देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत पर गहन एवं हृदयस्पर्शी संवाद हुआ।
राज्यपाल ने सतिंदर सरताज का लोक भवन में गर्मजोशी से स्वागत किया। भेंट के अवसर पर राज्यपाल ने उनकी सूफी गायकी और काव्य रचनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सतिंदर सरताज की आवाज और शब्द न केवल दिलों को छूते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई को भी विश्व पटल पर उजागर करते हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि सूफी संगीत जैसी कला यहां की विविधता और सद्भावना को और मजबूत बनाती है।
सतिंदर सरताज ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि और यहां की प्राकृतिक सुंदरता हमेशा से कलाकारों को प्रेरित करती रही है। उन्होंने बताया कि उनकी हालिया ‘हैरिटेज इंडिया टूर 2026’ के तहत देहरादून में दिए गए सफल प्रदर्शन के बाद यह भेंट उनके लिए विशेष महत्व रखती है। सरताज ने सूफी संगीत के माध्यम से शांति, प्रेम और एकता के संदेश को फैलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब लोक भवन में हाल ही में समाप्त हुए तीन दिवसीय ‘वसंतोत्सव-2026’ में फूलों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रकृति की चिकित्सकीय शक्ति पर जोर दिया गया था। राज्यपाल द्वारा उद्घाटित इस उत्सव ने शहर में सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बनाया था, और सतिंदर सरताज का दौरा इसे और यादगार बना गया।
उल्लेखनीय है कि सतिंदर सरताज ने 01 मार्च 2026 को परेड ग्राउंड, देहरादून में अपनी ‘नाइट ऑफ सूफी ‘ प्रस्तुति दी थी, जिसमें दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और उनका उत्साह देखते ही बनता था। उनकी यह यात्रा उत्तराखंड में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है।
राज्यपाल ने सरताज को उत्तराखंड की ओर से शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि उनकी कला भविष्य में भी युवा पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

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