ऐतिहासिक धरने के बाद सरकार ने मानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें, मानदेय वृद्धि की घोषणा आज

“संयुक्त मोर्चा” की दबदबे के आगे झुका प्रशासन, हड़कंप के बाद वार्ता में बनी सहमति

लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर राजधानी के इको गार्डन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन इतिहास रच गया। ‘आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा’ के आह्वान पर हजारों की संख्या में उमड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिससे शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन की सफलता को देखते हुए सरकार ने तत्काल वार्ता का रास्ता अपनाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

प्रदर्शन के बाद हुई विस्तृत वार्ता में आंगनबाड़ी बहनों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। संयुक्त मोर्चा की प्रदेश सचिव सावित्री चौधरी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती लीना जौहरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ऐतिहासिक फैसले लिए गए। यह वार्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

मानदेय वृद्धि पर मुहर लगने की उम्मीद

वार्ता का सबसे अहम बिंदु मानदेय वृद्धि रहा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (सोमवार) को आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार यह वृद्धि 1000 रुपये से लेकर 2000 रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। सरकार ने इस फैसले को अगले एक महीने के भीतर लागू करने का आश्वासन दिया है।

प्रमुख मांगों पर बनी सहमति: एक नजर

वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी, जिससे लंबे समय से उलझी समस्याओं के समाधान के रास्ते खुल गए हैं:

  1. समूह प्रणाली की समाप्ति: लंबे समय से विवादास्पद रही समूह प्रणाली (ग्रुप सिस्टम) को खत्म करने पर सकारात्मक सहमति बन गई है।
  2. मोबाइल कार्य का मानदेय से जुड़ाव: मोबाइल एप पर किए जाने वाले कार्य को सीधे मानदेय व्यवस्था से जोड़ने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, जिन कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऑपरेट करने में दिक्कत होती है, उनके लिए मुख्य सेविकाओं द्वारा फील्ड में जाकर और कैंप लगाकर प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
  3. प्रताड़ना पर रोक: एक अहम फैसले में यह तय हुआ कि जब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर उचित संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक किसी भी कार्यकर्ता पर नोटिस नहीं थोपा जाएगा और न ही उन पर काम के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जाएगा।
  4. पदोन्नति में आरक्षण: लगभग 1800 पदों पर पदोन्नति की जाएगी, जिसमें 50 प्रतिशत पद सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
  5. सुपरवाइजरों का तबादला: जो सुपरवाइजर एक जिले में तीन वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं, उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा। इससे लंबे समय से जमी व्यवस्था पर लगाम लगने की उम्मीद है।
  6. ब्लॉक कार्य प्रणाली पर रोक: उन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ब्लॉक से हटाया जाएगा, जो वहां बैठकर सुपरवाइजर के काम की आड़ में अन्य गतिविधियां कर रही हैं। इससे फील्ड में कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ेगी और कामकाज में पारदर्शिता आएगी।

“यह हमारी एकता की जीत है” – सावित्री चौधरी

वार्ता के नतीजों पर आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की प्रदेश सचिव सावित्री चौधरी ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा, “8 मार्च को हमारी बहनों के प्रदर्शन ने सरकार को हिलाकर रख दिया। यह जीत हमारे संघर्ष, एकता और साहस की जीत है। सरकार ने हमारी बात सुनी और सकारात्मक वार्ता के बाद सहमति बनी।”

उन्होंने आगे कहा कि वार्ता में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती लीना जौहरी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मांगों को गंभीरता से लिया और कार्यवाही के निर्देश जारी किए। सभी बिंदुओं पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

संयुक्त मोर्चा ने कार्यकर्ताओं से आगे भी एकजुट रहने का आह्वान किया है। आगे की रणनीति और निर्णय मोर्चा की आगामी बैठक के बाद सभी जिलों को सूचित किए जाएंगे।

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