उत्तरकाशी।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में सिंचाई विभाग उत्तरकाशी, पुरोला और अवस्थापना खण्ड के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में निर्माणाधीन नहरों के बाढ़ सुरक्षा कार्यों और अवस्थापना सुविधाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी चालू परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि किसानों और स्थानीय जनता को योजनाओं का लाभ जल्द मिल सके।
जिलाधिकारी ने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं को फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण करने और कार्यों की पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही जिन योजनाओं में तकनीकी बाधाएं या भूमि संबंधी विवाद हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपसी समन्वय से सुलझाने को कहा ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में तटबंध निर्माण और नहरों की सफाई का कार्य समय से पहले पूरा कर लिया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने नदी तटवर्ती क्षेत्रों और कृषि भूमि को कटाव से बचाने के लिए रिवर चैनेलाइजेशन कार्यों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदियों और गदेरों के मलबे की सफाई कर उनके प्रवाह को सुव्यवस्थित किया जाए ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में पानी आबादी वाले क्षेत्रों या खेतों में न घुसे।
बैठक में ईई सिंचाई खंड उत्तरकाशी सचिन सिंघल, ईई पुरोला पन्नी लाल, ईई अवस्थापना खंड मंजू डेनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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