देहरादून। जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) का गठन किया गया है, जिसमें 30 अधिकारियों को नामित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब एलपीजी गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाएंगे। गैस एजेंसियों से सीधे उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर डोर-टू-डोर वितरण सुनिश्चित करना होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में यह शिकायतें मिल रही थीं कि गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं को सीधे सिलेंडर देने के नाम पर अव्यवस्था फैल रही है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए गैस वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि नामित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर ऑनलाइन अथवा फोन बुकिंग के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही उपलब्ध कराया जाए और डोर-टू-डोर वितरण प्रणाली का सख्ती से पालन हो।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा कालाबाजारी, अवैध भंडारण, रिफिलिंग या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में प्रवर्तन टीम और क्यूआरटी तत्काल कार्रवाई करेगी।
जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित गैस एजेंसी और संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 और भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और उपभोक्ताओं को घर बैठे गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे कालाबाजारी और अव्यवस्था पर प्रभावी रोक लगेगी।
यहां देखें आदेश


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