देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरफ़ीना ट्रस्ट ने आईएसबीटी क्लेमेंटाउन क्षेत्र की बस्तियों में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों में आत्मविश्वास और प्रतिभा का विकास करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय महिलाओं और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। ओपन शेल्टर के बच्चों और प्रशिक्षु बालिकाओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों और स्थानीय महिलाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। बच्चों की प्रस्तुतियों में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का स्पष्ट संदेश शामिल था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रोबेशन अधिकारी देहरादून, मीना बिष्ट ने शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।” उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की महत्ता पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष, नमिता ममगाई और क्षेत्रीय पार्षद ने भी इस अवसर का लाभ उठाया। उन्होंने सरफ़ीना ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
कार्यक्रम में सरफ़ीना ट्रस्ट की ओर से सिस्टर नम्रता, दीपा, मैरी और आरती ने संस्था द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
इस दौरान सेंट मेरी हॉस्पिटल से आए चिकित्सकों ने भी महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में प्रोटेक्शन अधिकारी संपूर्णा भट्ट, संस्था और विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संदेश और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ किया गया। इस प्रकार, सरफ़ीना ट्रस्ट ने एक बार फिर साबित किया कि ऐसी पहलें समाज में सशक्त बदलाव का कारण बनती हैं।

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