हेमवती नंदन बहुगुणा: एक युगपुरुष को दिल्ली में भावभीनी श्रद्धांजलि, भारत रत्न की मांग गूंजी

हरीश रावत बोले- बेमिसाल नेता, धीरेंद्र प्रताप ने उठाई सर्वोच्च सम्मान की मांग; पेट्रोलियम नीति में ऐतिहासिक योगदान को किया याद

नई दिल्ली। भारत के राजनीतिक इतिहास के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा को उनकी पुण्यतिथि पर राजधानी दिल्ली में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दिल्ली प्रेस क्लब में आयोजित एक विशेष सभा में वक्ताओं ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और देश के लिए अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस के पूर्व संयुक्त सचिव हरिपाल रावत, वरिष्ठ पत्रकार कुशल जीना, सुनील नेगी, राज्य आंदोलनकारी सत्येंद्र रावत, अनिल पत, प्रताप थलवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा भारत के राजनीतिक इतिहास के बेमिसाल नेता थे। उन्होंने कहा, “हेमवती नंदन जी सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारक, एक प्रखर वक्ता और एक कुशल प्रशासक थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आजादी के बाद देश निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित था।”

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा भारत के राजनीतिक इतिहास के बेमिसाल नेता थे। उन्होंने कहा, “हेमवती नंदन जी सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारक, एक प्रखर वक्ता और एक कुशल प्रशासक थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आजादी के बाद देश निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित था।”

सभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने कहा, “हेमवती नंदन बहुगुणा जी ने अपने जीवनकाल में जितना कुछ देश को दिया, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक स्वतंत्रता सेनानी, तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में कई अहम विभागों के मंत्री रहते हुए उन्होंने देश की नींव को मजबूत किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि इस महान विभूति को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से विभूषित किया जाए। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

श्रद्धांजलि सभा में हेमवती नंदन बहुगुणा के उस योगदान को विशेष रूप से याद किया गया, जिसने भारत को वैश्विक ऊर्जा संकट से उबारने में मदद की। वरिष्ठ पत्रकार कुशल जीना ने कहा, “जब देश पेट्रोलियम संकट से जूझ रहा था, तब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के रूप में हेमवती नंदन बहुगुणा ने खाड़ी देशों के साथ जो रणनीतिक संबंध स्थापित किए, उसकी बदौलत आज भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।”

पूर्व कांग्रेसी संयुक्त सचिव हरिपाल रावत ने कहा, “उनकी दूरदर्शिता का ही नतीजा है कि आज भारत अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने न सिर्फ संबंध बनाए, बल्कि उन संबंधों को मजबूत नींव दी जिस पर आज भारत की संपूर्ण ऊर्जा नीति टिकी हुई है।”

पत्रकार सुनील नेगी ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा एक शानदार प्रशासक थे। उनके कार्यकाल में लिए गए फैसले आज भी प्रासंगिक हैं। राज्य आंदोलनकारियों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा आम आदमी के हित में नीतियां बनाईं।

सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर इस महान विभूति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

हेमवती नंदन बहुगुणा का व्यक्तित्व सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। खाड़ी देशों से लेकर वैश्विक मंचों तक, उनकी राजनीतिक और कूटनीतिक समझ की हमेशा सराहना हुई। एक ऐसे नेता के रूप में जिन्होंने गरीबी उन्मूलन से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी, हेमवती नंदन बहुगुणा सदैव भारतीय राजनीति के एक चमकते सितारे बने रहेंगे।

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