देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को गोपनीय सूचना मिलने के बाद मसूरी के क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) देहरादून और कैन्ट थाना की संयुक्त टीम ने गांधी नगर, रघुनाथ मंदिर के पास स्थित एक मकान में 16 मार्च की रात अचानक छापेमारी कर वहां चल रहे अनैतिक देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान मकान के भीतर तीन महिलाएँ और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए तथा मौके से आपत्तिजनक सामग्री व चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
मौके से पुलिस ने मुख्य अभियुक्ता सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन पीड़िताओं को रेस्क्यू किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है: रानी देवी पत्नी दीपक कुमार (उम्र 42 वर्ष, निवासी 59 रघुनाथ मंदिर, गांधीनगर, देहरादून), आशीष कुमार पाण्डे पुत्र सुरेश चन्द्र पाण्डे (निवासी प्लॉट नं.84, गुरुजम्भेश्वर नगर, वैशाली नगर, जयपुर, राजस्थान) तथा फुलो खान पुत्र मुस्लिम खान (निवासी शास्त्री नगर खाला कैन्ट, थाना कैन्ट, देहरादून)।
पुलिस ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उक्त मकान रानी देवी का है और वह कुछ समय से आशीष के साथ मिलकर यहां देह व्यवसाय चला रही थी। आरोप है कि रानी देवी बाहरी राज्यों से लड़कियों को काम दिलाने के बहाने देहरादून बुलाती थी और उनकी आर्थिक व सामाजिक मजबूरियों का फायदा उठाकर उनसे अनैतिक देह व्यापार कराती थी।
जांच में यह भी खुलेआम आया कि अभियुक्ता व्हाट्सएप के माध्यम से लड़कियों की फ़ोटो ग्राहकों को भेजकर उनसे रेट तय करती थी तथा फ़ोन पर मिलने का स्थान और समय निर्धारित किया जाता था। आशीष का काम लड़कियों को ग्राहकों तक पहुँचाने का था और इसके एवज़ में उसे मोटा कमीशन मिलता था। मौके से बरामद चार मोबाइल फ़ोनों में अभियुक्तों और ग्राहकों के बीच हुई बातचीत और तस्वीरों के सन्दर्भ में रिकार्ड्स मिलने का दावा पुलिस ने किया है, जिनकी तकनीकी जाँच जारी है।
कोतवाली कैन्ट में गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मुअसं 48/26 के अंतर्गत अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धाराएँ 3, 4, 5, 6 व 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है तथा संभावित सहयोगियों और दुकानदारों की पहचान के लिए छानबीन तेज़ कर दी गई है।
रेस्क्यू की गई महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य-जाँच कराई गई तथा उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता और आवश्यक कायमी मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। पुलिस ने कहा कि पीड़िताओं के सुरक्षा, गोपनीयता और पुनर्वास के मद्देनज़र आगे की जानकारियाँ सार्वजनिक नहीं की जाएँगी और संबंधित सामाजिक कल्याण विभाग व संस्थाओं से समन्वय कर उनकी आगे की मदद सुनिश्चित की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण छापेमारी में मसूरी क्षेत्राधिकारी श्री जगदीश पंत, प्रभारी निरीक्षक AHTU प्रदीप पंत तथा AHTU और थाना कैन्ट की टीम की अहम भूमिका रही। टीम में उनि विनयता चौहान (चौकी प्रभारी बिंदाल), अउनि बबीन सिंह, कानि प्रदीप रावत, मका सुमन कार्की, मका आरती जोशी, का योगेश सैनी और का मनोज उप्रेती शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामले चिन्हित करने तथा जाल को तोड़ने के लिये गुप्त सूचना तंत्र और ज़मीनी छापेमारी जारी रहेंगी। उधर, गिरफ्तार अभियुक्तों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ चल रही है और मामले की जांच से जुड़े अतिरिक्त सबूत जुटाने पर बल दिया जा रहा है

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