उत्तराखंड आंदोलनकारियों की मांगों पर बनी सहमति: दो सप्ताह में कैबिनेट बैठक बुलाने का आश्वासन, घेराव की चेतावनी भी

देहरादून: उत्तराखंड और दिल्ली के राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में एक अहम बैठक संपन्न हुई। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह सचिव शैलेश बगोली के साथ करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता की।

प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया:

  1. उत्तराखंड और दिल्ली में रह रहे राज्य निर्माण आंदोलनकारियों का शीघ्र चिन्हीकरण किया जाए।
  2. चिन्हित आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाया जाए।
  3. पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पहले ही चयनित हो चुके आंदोलनकारियों के आश्रितों को तत्काल प्रभाव से नौकरी में समाहित किया जाए।

गृह सचिव शैलेश बगोली की अध्यक्षता में हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों का भी जमावड़ा रहा। बैठक में आधा दर्जन से अधिक राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिवों के अलावा देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट भी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे धीरेंद्र प्रताप के साथ राज्य आंदोलनकारी मंच के वरिष्ठ नेता प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के पूर्व सचिव आनंद सिंह राणा भी मौजूद थे।

लंबी चर्चा के बाद गृह सचिव शैलेश बगोली ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी मांगें सरकार के संज्ञान में हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले को जल्द से जल्द हल करने के लिए अगले दो सप्ताह के भीतर राज्य कैबिनेट की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलनकारियों की समस्याओं के स्थायी निदान पर मुहर लगाई जाएगी।

हालांकि, सरकार के आश्वासन के बावजूद आंदोलनकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार को चेतावनी भी दे दी है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र प्रताप और प्रदीप कुकरेती ने कहा कि यदि दो सप्ताह के भीतर कैबिनेट बैठक बुलाकर उनकी समस्याओं का ठोस निदान नहीं किया गया, तो आंदोलनकारी सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगला कदम मुख्यमंत्री आवास का घेराव होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments