कांग्रेस नेता ने सरकार पर साधा निशाना, चार साल लावारिस रहे विभागों का हवाला देते हुए कहा- विकास का पहिया पटरी से उतरा
देहरादून: उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए धामी मंत्रिमंडल के विस्तार पर प्रदेश कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में अब एक साल से भी कम का समय शेष है और पिछले चार वर्षों में धामी मंत्रिमंडल कभी पूर्ण आकार नहीं ले पाया।
धस्माना ने कहा कि सरकार के इस कार्यकाल में कभी दो, कभी तो मंत्री पद खाली रहे और पिछले डेढ़ साल से पांचों पद लंबे समय तक रिक्त पड़े थे, जिन्हें अब अंतिम वर्ष में भरा गया है। उन्होंने कहा कि अब तो वह कहावत चरितार्थ हो रही है कि ‘क्या बरसा जब कृषि सुखाने’ यानी जब फसलें सूख गईं, तब बारिश का क्या मतलब?
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि परंपरागत रूप से वित्त, नगरीय विकास, ग्रामीण विकास, कृषि एवं बागवानी, वन, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, आपदा प्रबंधन, आबकारी, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, तीर्थाटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभाग वरिष्ठ एवं अनुभवी मंत्रियों को दिए जाते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि धामी सरकार में या तो बड़े विभाग मुख्यमंत्री के पास ही रखे गए या फिर एक ही मंत्री के पास तीन-चार महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा थमा दिया गया। धस्माना ने कहा, “इसी की वजह से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता जैसे विभागों में भयंकर भ्रष्टाचार हुआ और पूरे प्रदेश में विकास का पहिया पटरी से उतर गया।”
धस्माना ने व्यक्तिगत रूप से नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही कटाक्ष करते हुए कहा कि अब अंतिम समय में वे राज्य हित में कोई योगदान दे पाएंगे, इसकी गुंजाइश ना के बराबर है।
गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों- मदन कौशिक, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा और खजान दास को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

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