पौड़ी गढ़वाल: देवभूमि के शांत पहाड़ों में एक बार फिर गुलदार का खूनी खेल सामने आया है। जनपद के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भतकोट (कुंजखाल) में एक आदमखोर गुलदार ने 4 वर्षीय मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और वन विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
आंगन से काल बनकर आया गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरेंद्र सिंह की 4 वर्षीय पुत्री दृष्टि पर गुलदार ने उस समय हमला किया जब वह अपने घर के समीप थी। खूंखार जानवर मासूम को झपट्टा मारकर पलक झपकते ही जंगल की ओर खींच ले गया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुँचते, मासूम की मौत हो चुकी थी। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश की है।
पांचवीं शिकार: आक्रोशित ग्रामीणों ने रोका पंचनामा
स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्षेत्र में इस तरह की पांचवीं घटना है, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
मांग: गुस्साए ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक जिला प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर नहीं आते, तब तक बच्ची के शव का पंचनामा नहीं होने दिया जाएगा।
माहौल:वर्तमान में गांव में सन्नाटा पसरा है और महिलाओं व बच्चों में इस कदर दहशत है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद न तो इलाके में गश्त बढ़ाई गई और न ही गुलदार को पकड़ने के पुख्ता इंतजाम किए गए। ग्रामीणों ने मांग की है कि:
1. तत्काल गुलदार को **’आदमखोर’** घोषित कर पिंजरा लगाया जाए।
2. प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम हों।
3. भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति बने।
“जब तक अधिकारी मौके पर आकर जिम्मेदारी तय नहीं करते और सुरक्षा का ठोस भरोसा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे।”— स्थानीय ग्रामीण

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