
पीवाईडीएस के साथ स्कॉलरशिप पहल के जरिए प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर
देहरादून। देहरादून स्थित मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी यूपीईएस, प्रोजेक्ट प्रोत्साहन के माध्यम से वंचित समुदायों के छात्रों के लिए परिवर्तनकारी अवसर उपलब्ध कराना जारी रखे हुए है। यह एक दीर्घकालिक स्कॉलरशिप पहल है, जिसका उद्देश्य मेधावी प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करना है। पुरकल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी (पीवाईडीएस) के साथ साझेदारी करते हुए, यूपीईएस आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले योग्य छात्रों को फुल स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है, जिससे वे हायर एजुकेशन प्राप्त कर सकें और सस्टेनेबल करियर बना सकें।
प्रोजेक्ट प्रोत्साहन का उद्देश्य उन छात्रों को सहयोग देना है जो अपने परिवार में पहली बार हायर एजुकेशन तक पहुँच बना रहे हैं। फाइनेंशियल असिस्टेंस से आगे बढ़कर, यह पहल छात्रों को सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से पार पाने, अपनी क्षमता को पहचानने और अपने परिवारों व समुदायों में स्थायी प्रभाव उत्पन्न करने के लिए सशक्त बनाने का प्रयास करती है।
इस पहल के अंतर्गत एकेडमिक ईयर 2025-26 में पीवाईडीएस के दो नए छात्रों को यूपीईएस में 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप पर एडमिशन दिया गया। वर्ष 2018-19 में प्रोजेक्ट प्रोत्साहन के अंतर्गत इस पहल की शुरुआत के बाद से अब तक वंचित समुदायों के कुल 24 छात्रों को यूपीईएस के विभिन्न एकेडमिक प्रोग्राम्स में एडमिशन दिया जा चुका है। तब से लेकर अब तक प्रोजेक्ट प्रोत्साहन ने यूपीईएस में इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, कॉमर्स, लॉ, डिजाइन, जर्नलिज्म और मीडिया स्टडीज़ जैसे विविध एकेडमिक प्रोग्राम्स में अध्ययन कर रहे पीवाईडीएस छात्रों को इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, मारुति सुजुकी, इंडिगो एयरलाइंस, सिलिकॉन लैब्स, कोलंबिया शिपिंग मैनेजमेंट, एबिजॉन डिजिटल और कॉग्नस टेक्नोलॉजी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अवसर दिलाने में मदद की है। यह पहल इंडस्ट्री-अलाइनड एजुकेशन और लॉन्ग-टर्म इंस्टिट्यूशनल सपोर्ट के माध्यम से प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए सार्थक एकेडमिक और करियर अवसर तैयार कर रही है।
इस पहल की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, “यूपीईएस में हमारा मानना है कि क्वालिटी एजुकेशन केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समुदाय के जीवन को बदलने की क्षमता रखती है। प्रोजेक्ट प्रोत्साहन के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रतिभाशाली छात्रों को, उनकी फाइनेंशियल बैकग्राउंड चाहे जो भी हो, सीखने, आगे बढ़ने और सार्थक करियर बनाने के अवसर मिलें। लकी और अंशित जैसे छात्रों की यात्राएँ सस्टेन्ड एकेडमिक सपोर्ट, मेंटरशिप और इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड एजुकेशन के प्रभाव को दर्शाती हैं।”
समावेशिता को बढ़ावा देने के अलावा, यह पहल व्यक्तिगत संघर्ष और दृढ़ संकल्प की उन कहानियों को भी सामने लाती है, जिन्होंने छात्रों को विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल करने में सक्षम बनाया। इस वर्ष इस पहल का लाभ पाने वाले दो नए छात्रों में से एक हैं लकी सिंह, जो हरिद्वार के पास स्थित पठरी गाँव से हैं और यूपीईएस में बीटेक कंप्यूटर साइंस के छात्र हैं। ऐसे परिवार से आने वाले लकी के पिता थोड़ी-सी खेती और एक स्थानीय राशन की दुकान संभालते हैं, जबकि उनकी माँ टेलरिंग का काम करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद लकी ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्लास 12 में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। हाल ही में उनका चयन कैंपस प्लेसमेंट के दौरान इन्फोसिस में हुआ है, जो उनके साथ-साथ उनके परिवार और गाँव के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।
दूसरे छात्र अंशित ममगाईं, जो गलजवाड़ी से हैं और बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं, एक साधारण परिवार से आते हैं जहाँ सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद एजुकेशन को हमेशा प्राथमिकता दी गई। उनके पिता एक स्थानीय स्कूल में साइंस लैब असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हैं और अंशित के सपनों को पूरा करने में निरंतर सहयोग दे रहे हैं। अंशित ने क्लास 12 में 80.66 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और अब उनका चयन एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ में ट्रेनी इंजीनियर के रूप में हुआ है।
इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड एजुकेशन और करियर अवसरों तक पहुँच सुनिश्चित करते हुए, प्रोजेक्ट प्रोत्साहन यूपीईएस की उस व्यापक सोच को दर्शाता है जिसके तहत एक ऐसा इन्क्लूसिव लर्निंग इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जहाँ हर पृष्ठभूमि के छात्र आगे बढ़ सकें और समाज में सार्थक योगदान दे सकें।

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