डिजिटल अरेस्ट का जाल तोड़ STF ने दबोचा ठग

ऋषिकेश के वरिष्ठ नागरिक से 69 लाख की साइबर ठगी, फर्जी जमानत पत्र और बैंक खाते के जरिए रची गई थी साजिश

देहरादून । उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साइबर क्राइम देहरादून टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक वरिष्ठ नागरिक को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराकर 69 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। गिरफ्तार अभियुक्त को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के अपराधमुक्त देवभूमि के संकल्प और पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में यह महत्वपूर्ण सफलता एसटीएफ को मिली है।

पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश निवासी वादी को साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क किया। आरोपियों ने स्वयं को दरियागंज पुलिस स्टेशन, दिल्ली का पुलिस इंस्पेक्टर और माननीय न्यायालय का न्यायाधीश बताकर पीड़ित को भयभीत किया। उन्होंने कहा कि वादी के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर अवैध सिम कार्ड लिया गया है, जिसका इस्तेमाल अवैध वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में हुआ है। इसके बाद पीड़ित को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में लेकर संपत्ति सत्यापन, एनओसी और जमानत के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि जमा करवाई गई।

इस तरह पीड़ित से कुल 69 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। मामले में साइबर थाना देहरादून में मु0अ0सं0 05/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2), 336(3), 340(2) बीएनएस तथा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के निर्देशन में विवेचक को शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए गए। विवेचना के दौरान पता चला कि अभियुक्त भगवत सरन ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी जमानत पत्र और फीस जमा रसीद तैयार की थी। इसके बाद लालकुआं, जनपद नैनीताल स्थित एक्सिस बैंक में अपनी रुद्रा टेलीकॉम दुकान के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी खाते की जानकारी अभियुक्त ने अपने साथियों और अन्य साइबर अपराधियों के साथ साझा की थी।

जांच में यह भी पाया गया कि उक्त बैंक खाते में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है और इस खाते के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 30 शिकायतें दर्ज हैं। पीड़ित के साथ हुई ठगी में से 6 लाख रुपये इसी खाते में क्रेडिट हुए थे। ठोस साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने अभियुक्त भगवत सरन को रुद्रपुर, उत्तराखण्ड से गिरफ्तार किया।

अभियुक्त का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम भगवत सरन पुत्र स्वर्गीय शान्तिपाल है। वह मूल रूप से ग्राम सिंधौरा, थाना देवरनिया, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश का निवासी है। उसका वर्तमान पता राजीव नगर, वार्ड नंबर 2, थाना लालकुआं, जिला नैनीताल, उत्तराखण्ड बताया गया है। अभियुक्त की उम्र 33 वर्ष है।

बरामद सामान
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से

  • बैंक खाते के एसएमएस अलर्ट से जुड़ा मोबाइल नंबर,
  • 2 डेबिट कार्ड
    बरामद किए हैं।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में
निरीक्षक अनिल कुमार,
अपर उपनिरीक्षक गोपाल विष्ट,
और अपर उपनिरीक्षक पवन कुमार
की विशेष भूमिका रही।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है। साथ ही, संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

जनता से एसटीएफ की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि—

  • अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से सावधान रहें।
  • किसी भी व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत सूचना या दस्तावेज साझा न करें।
  • यह समझ लें कि कोई भी एजेंसी ऑनलाइन “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती।
  • फर्जी निवेश ऑफर, धन दोगुना करने के लालच, YouTube/Telegram आधारित स्कीमों से दूर रहें।
  • गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर सीधे कॉल करने से बचें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी के साथ वित्तीय साइबर अपराध होता है, तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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