बढ़ते अपराधों पर उक्रांद का आक्रोश, पुतला दहन के साथ सदस्यता अभियान भी तेज  

‘न महिलाएं सुरक्षित हैं, न बच्चे, न बुजुर्ग’; प्रदेश में कानून-व्यवस्था के खिलाफ उबाल

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के भू-कानून एवं मूल निवास प्रकोष्ठ ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों के खिलाफ सरकार के खिलाफ सख्त प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला जलाकर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लुसुन तोडरिया ने कहा कि आज उत्तराखंड में न तो महिलाएं सुरक्षित हैं, न बच्चे और न ही बुजुर्ग। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य की अवधारणा मूल निवासियों के अधिकारों और सुरक्षा पर टिकी थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।

इस मौके पर दल के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें पान दा, कर्नल सुनील कोटनाला, कर्नल देवरानी, कर्नल चौहान, कर्नल नेगी, महामंत्री राजेश्वरी रावत, मीनाक्षी घिल्डियाल, नैना लखेरा और ऊषा रमोला शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान कर्नल विनोद नेगी सहित कई अन्य लोगों ने उक्रांद की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा, कर्नल सुनील चौहान को सैनिक प्रकोष्ठ का केंद्रीय प्रभारी, श्रीमती रेशमा शिरवान को सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। राकेश नेगी, कपिल रावत और शुभम नेगी को मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

प्रदर्शन का समापन सरकार से कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग के साथ हुआ।

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