देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर उत्पन्न हो रही स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे राज्य के पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया।
गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से गैस की किल्लत एवं कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि यदि वास्तव में राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है, तो सरकार को इस पर स्पष्ट स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। अस्पष्टता और अफवाहों से आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
गणेश गोदियाल ने चार धाम यात्रा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन निरस्त होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चार धाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस यात्रा से हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है और किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर राज्य की आर्थिकी पर पड़ता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कुमाऊँ मंडल में भी पर्यटन गतिविधियों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि होटल व्यवसाय, ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन से जुड़े कार्यों को यदि समय पर गैस आपूर्ति नहीं मिलती है, तो इसका व्यापक असर पूरे राज्य के पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन पर पड़ेगा। पर्यटकों की घटती संख्या से प्रदेश की छवि को भी नुकसान हो रहा है।
गोदियाल ने राज्य सरकार से मांग की कि वह इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। सरकार की उदासीनता से लोग परेशान हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को राज्य की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि देश में घरेलू गैस एवं ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
अंत में गोदियाल ने राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई करते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुचारु करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आगामी चार धाम यात्रा सीजन के दौरान प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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