ऑपरेशन प्रहार में दून पुलिस की बड़ी कामयाबी, अंतरराज्यीय वाहन चोर ऋषिकेश से गिरफ्तार

ऋषिकेश/देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत देहरादून पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की सख्ती और सतत निगरानी का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी अभियान के अंतर्गत कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने चेकिंग के दौरान हरियाणा के एक अंतरराज्यीय वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने पुलिस से बचने के प्रयास में न केवल फरार होने की कोशिश की बल्कि पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायर भी कर दिया। हालांकि पुलिस ने सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 की रात ऋषिकेश पुलिस जंगलात बैरियर के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान रानीपोखरी की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को सामने देख चालक घबरा गया और उसने अचानक वाहन मोड़कर मौके से भागने का प्रयास किया। संदेह गहराने पर पुलिस टीम ने तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से वाहन की सूचना प्रसारित की और सरकारी वाहन से उसका पीछा शुरू कर दिया। भागने के दौरान आरोपी की कार काली मंदिर से पहले मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पिलर से टकरा गई। इसके बाद चालक कार से उतरकर जंगल की ओर भागने लगा।

जब पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। इस बेहद संवेदनशील स्थिति में पुलिस टीम ने धैर्य, सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए त्वरित कार्रवाई की और बदमाश को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने जिस कार को कब्जे में लिया, वह स्विफ्ट डिजायर निकली, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। वाहन की तलाशी के दौरान हरियाणा नंबर की एक ओरिजिनल नंबर प्लेट भी बरामद हुई।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान इमरान पुत्र इदरीश, निवासी ग्राम सुडाका, थाना व जिला नूह, हरियाणा, उम्र 22 वर्ष के रूप में बताई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पूर्व में अपने एक साथी के साथ मिलकर ऋषिकेश क्षेत्र से एक डंपर चोरी कर चुका है। चोरी के बाद वह डंपर को ऋषिकेश से मेवात ले गया था। उसने यह भी कबूल किया कि वह दोबारा वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए रैकी करने हरियाणा से ऋषिकेश आया था। पुलिस चेकिंग देखकर पकड़े जाने के डर से उसने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की और पीछा किए जाने पर पुलिस को डराने के उद्देश्य से फायर किया।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की नजर से बचने के लिए अपनी गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चल रहा था। उसने अपनी कार की असली नंबर प्लेट हटाकर दूसरी नकली प्लेट लगा दी थी, ताकि पहचान छिपी रहे और अपराध को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल सके। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके साथी की गिरफ्तारी और चोरी किए गए डंपर की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।

ऋषिकेश पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने तथा अवैध हथियार रखने के आरोप में धारा 109/340 बीएनएस और 3/5 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत आगे भी संदिग्धों और अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो।

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