प्रेमनगर क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी पर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों को संवेदनशील लोकेशन और वीडियो भेजने का आरोप
तहरीक-ए-तालिबान-हिन्दुस्तान (TTH) के नाम से दहशत फैलाने की भी साजिश, पुलिस ने पिस्टल, कारतूस, स्प्रे पेंट और मोबाइल बरामद किया
देहरादून । उत्तराखण्ड एसटीएफ ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से एक 29 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर देशविरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक के तार पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं और वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। एसटीएफ का दावा है कि आरोपी देहरादून स्थित महत्वपूर्ण सरकारी, पुलिस और सैन्य प्रतिष्ठानों की लोकेशन और वीडियो फुटेज पाकिस्तान भेज रहा था।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प के तहत चलाए जा रहे अभियान के क्रम में की गई। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशों पर चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” में पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में राज्यभर में संगठित अपराधियों, असामाजिक तत्वों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में इनपुट विकसित कर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ आर.बी. चमोला के नेतृत्व में एसटीएफ ने विशेष रणनीति के तहत तकनीकी सर्विलांस और मानव स्रोतों से मिली सूचनाओं पर काम किया। संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी के बाद 9-10 अप्रैल 2026 की देर रात एसटीएफ टीम ने देहरादून जनपद के थाना प्रेमनगर क्षेत्र से झाझरा निवासी विक्रान्त कश्यप पुत्र विरेन्द्र कश्यप को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, एक स्प्रे पेंट कैन और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ थाना प्रेमनगर में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी राणा के संपर्क में था। प्रेस नोट में शहजाद भट्टी को पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बर्क ब्रिगेड” से जुड़ा बताया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को प्रभावित कर उन्हें “स्लीपर सेल” की तरह इस्तेमाल करने के प्रयासों संबंधी इनपुट पहले से विकसित किए जा रहे थे और उसी कड़ी में आरोपी की भूमिका सामने आई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, गुप्त सूचनाओं और तकनीकी निगरानी से यह जानकारी मिली थी कि झाझरा क्षेत्र का एक युवक पाकिस्तानी आतंकी/आईएसआई एजेंट बताए गए शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के संपर्क में है तथा सोशल मीडिया एप के माध्यम से उनसे दिशा-निर्देश प्राप्त कर रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को देहरादून और आसपास के प्रमुख स्थानों, पुलिस थानों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों के वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए थे।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को कथित रूप से बताया कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और उनकी हत्या से आक्रोशित था। पुलिस के अनुसार इसी मनःस्थिति के दौरान वह इंस्टाग्राम पर शहजाद भट्टी की उन पोस्ट और रीलों से प्रभावित हुआ, जिनमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने जैसी बातें कही गई थीं। इसके बाद उसने शहजाद भट्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो करना शुरू किया और फिर व्हाट्सऐप व इंस्टाग्राम के माध्यम से उसके संपर्क में आ गया।
आरोपी को शुरुआत में देहरादून और आसपास के इलाकों के मुख्य स्थानों तथा पुलिस थानों के वीडियो भेजने का टास्क दिया गया। बाद में उससे देहरादून के महत्वपूर्ण भवनों और संस्थानों—जिनमें आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय तथा अन्य सरकारी भवन शामिल बताए गए हैं—की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने को कहा गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी को कथित रूप से यह भी कहा गया था कि इन स्थानों को बम से उड़ाया जाना है और इसके लिए उसे बम, हथियार तथा धन “गुर्जर” नामक व्यक्ति के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।
एसटीएफ ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी को “तहरीक-ए-तालिबान-हिन्दुस्तान” यानी TTH नाम से भारत में नेटवर्क विस्तार और दहशत फैलाने से जुड़े काम दिए गए थे। पुलिस के अनुसार उसे देहरादून के महत्वपूर्ण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास “TTH” लिखकर वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने को कहा गया था, ताकि संगठन का नाम प्रसारित हो और लोगों में भय का माहौल बने। आरोपी ने सुभारती अस्पताल के पास गली, सेलाकुई की एक फैक्ट्री की दीवार, अडवानी पुल के पास तथा बालाजी मंदिर झाझरा के निकट अलग-अलग स्थानों पर स्प्रे पेंट से “TTH” लिखकर उसके वीडियो भेजे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने झाझरा पुलिस चौकी की लोकेशन और वीडियो फुटेज भी पाकिस्तान भेजी थी। इसके अलावा प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे दिल्ली स्थित एक संगठन के कार्यकर्ताओं तथा सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का टास्क भी दिया था। इन सभी आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे बढ़ाई जा रही है।
एसटीएफ का कहना है कि आरोपी को इन गतिविधियों के एवज में नेपाल के रास्ते दुबई ले जाकर वहां बसाने तथा अच्छी रकम देने का लालच दिया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2024 और 2025 में पंजाब के नाभा में भी रह चुका है, जहां वह ट्रक बॉडी बनाने का काम करता था। जांच एजेंसियां उसके पंजाब प्रवास, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
आरोपी के कब्जे से मिले मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि इन सूचनाओं के आधार पर अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को बहु-स्तरीय तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आरोपी के संपर्कों, कथित नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
यह कार्रवाई एसटीएफ और देहरादून जनपद पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस ने इसे राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बरगलाने वाले नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जा रही है।
एसटीएफ टीम में निरीक्षक अबुल कलाम, निरीक्षक एन.के. भट्ट, निरीक्षक यादविन्दर बाजवा, उपनिरीक्षक विद्यादत्त जोशी, हेड कांस्टेबल संजय, हेड कांस्टेबल देवेन्द्र ममगाई, हेड कांस्टेबल महेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल वृजेन्द्र चौहान, हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह, कांस्टेबल मोहन असवाल, कांस्टेबल कादर और कांस्टेबल अनिल तथा थाना प्रेमनगर पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अमित शर्मा तथा हेड कांस्टेबल नरेन्द्र कुमार शामिल थे ।

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