रुद्रपुर। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त मिशन के तहत एसटीएफ ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के जरिए विद्युत केबल चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की कमर तोड़ दी है। उधमसिंहनगर के काशीपुर-कुंडा क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के तहत बिछाई गई कीमती केबलों को निशाना बनाने वाले इस गैंग का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये मूल्य के हाई-कैपेसिटी (HC) तार बरामद किए हैं। एसटीएफ की कुमाऊं टीम को सटीक सूचना मिली थी कि रुद्रपुर के धर्मपुर क्षेत्र में ‘गुरमा ट्रेनिंग कंपनी’ के नाम पर चल रहे एक गोदाम में चोरी का माल छिपाया गया है। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ, कुंडा और काशीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर शातिर अपराधी आफताब अली और उसके साथी जीशान को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में अपने संगठित अपराध के तरीकों का सनसनीखेज खुलासा किया है। यह गिरोह पिछले दो महीनों से रात के अंधेरे में स्कॉर्पियो गाड़ी से जशपुर और महुआखेड़ा जैसे क्षेत्रों में रेकी करता था और मौका मिलते ही बिजली के तारों को काटकर पिकअप में भरकर चंपत हो जाता था। अब तक करीब 10 टन केबल चोरी कर यह गैंग उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बरेली के बाजारों में कॉपर व एल्यूमिनियम के रूप में खपा चुका है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने गोदाम से 45 क्विंटल तार, तार काटने वाले दर्जनों कटर, आरी, चाकू और वारदात में इस्तेमाल होने वाली स्कॉर्पियो व पिकअप गाड़ी जब्त की है।
आफताब अली का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में डकैती व लूट के मामलों में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के कड़े निर्देशों के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब इस गिरोह के उन संपर्कों को खंगाल रही है जो उत्तर प्रदेश में इस चोरी के माल को ठिकाने लगाने में मदद करते थे। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।

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