​ग्राफिक एरा में करियर की राह: साइकोमेट्रिक टेस्ट से युवाओं ने पहचाना अपना टैलेंट

लखनऊ । बारहवीं कक्षा के बाद भविष्य की राह चुनने को लेकर सैकड़ों युवाओं की दुविधा आज देश के विख्यात विशेषज्ञों ने दूर की। विशेषज्ञों ने युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के मुताबिक कोर्स का चयन करके करियर संवारने के लिए विभिन्न फील्ड  सुझाये। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ कमल घनशाला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े कोर्स आने वाले समय की मांग हैं। ऐसे कोर्स करके युवा अपने बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज सुबह मेगा करियर काउंसलिंग समारोह का आयोजन किया गया। देहरादून की ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस समारोह में लखनऊ के साथ ही बाराबंकी, गोण्डा, प्रतापगढ़, अमेठी आदि से आये सैकड़ों युवाओं को कक्षा 12 के बाद भविष्य की राह चुनने के लिए विशेषज्ञों ने निशुल्क  परामर्श दिया।  विशेषज्ञों ने युवाओं का साइकोमेट्रिक टेस्ट करके उनकी दिलचस्पी, शैक्षिणिक स्थिति और प्रतिभा के आधार पर उन्हें सुझाया कि कौन सा कोर्स उनके लिए अधिक उपयुक्त होगा और किस क्षेत्र को अपना करियर बनाकर वे ज्यादा आगे जा सकते हैं। समारोह में ग्राफिक एरा के कई ऐसे छात्र छात्राओं के अभिभावक भी शामिल हुए जिनका 47 से 61.99 लाख रुपये तक के पैकेज पर इस साल प्लेसमेंट हुआ है।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन और कम्प्यूटर साईंस के विश्व विख्यात विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ कमल घनशाला ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का है। ए.आई. से जुड़े कोर्स करके युवा आने वाले समय की चुनौतियों पर विजय पाकर अपने कल को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राफिक एरा ने इंजीनियरिंग के साथ ही मैनेजमेंट, बायोटेक, एग्रीकल्चर, लॉ, होटल मैनेजमेंट, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, फैशन डिजायनिंग, एनीमेशन, कम्प्यूटर गेमिंग, फूड साईंस समेत सभी कोर्स आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस से जोड़ दिये हैं। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारत का पहला जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैंपस स्थापित किया है। यह पहल अमेजॉन वेब सर्विस (ए.डब्लू.एस.) के सहयोग से की गई है, जो क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी संस्था मानी जाती है।

डॉ कमल घनशाला ने कहा कि ग्राफिक एरा में ए.डब्लू.एस. स्किल बिल्डर प्रोग्राम के तहत 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्राफिक एरा एक लिविंग लैब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां छात्र वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ए.आई. आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इससे ग्राफिक एरा भविष्य की चुनौतियों के लिए युवाओं को तैयार करने वाला अनूठा शिक्षा केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने करियर और कोर्स का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिये। किसी दोस्त को देखकर गलत कोर्स में जाना करियर के लिए घातक हो सकता है। यह अपने लक्ष्य निर्धारित करने का समय है। लक्ष्य तय करने के बाद पूरी क्षमता से जुटकर सपनों को साकार किया जा सकता है। शिक्षा को नई तकनीकों से जोड़ने का परिणाम यह निकला है कि ग्राफिक एरा से गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डी ई शॉ, अटलांशियन जैसी विश्वविख्यात कम्पनियां युवाओं का ऊंचे पैकेज पर प्लेसमेंट कर रही हैं।

ग्राफिक एरा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग एंड ग्लोबल आउटरीच) श्री तेजस्वी घनशाला ने करियर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को ए.आई. से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ए.आई. से जुड़कर युवा अपने करियर को शानदार बना सकते हैं। ए.आई. ने हर क्षेत्र में प्रोफेशनल की कार्य क्षमता बढ़ाने के साथ ही परिणामों को सटीक बना दिया है। यही वजह है कि अब हर कोर्स और हर क्षेत्र में ए.आई. का उपयोग बढ़ रहा है। समारोह में विशेषज्ञों ने विज्ञान, कोमर्स और आर्ट विषयों से जुड़े युवाओं ने करियर के फील्ड से संबंधित सवालों के जवाब भी दिये। समारोह में डॉ सौरभ और साहिब सबलोक ने भी युवाओं के करियर से संबंधित सुझाव दिये। काफी स्कूलों के शिक्षक और अभिभावक भी इस सम्मेलन में शामिल हुए।

 

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