देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड (NOPRUF) ने पुरानी पेंशन (OPS) की मांग को लेकर राजधानी में जोरदार प्रदर्शन किया। हालाँकि, प्रधानमंत्री के संबोधन में इस मुद्दे की अनदेखी से कर्मचारियों में गहरी निराशा व्याप्त है।
NOPRUF के पदाधिकारी आज गांधी पार्क, प्रेमनगर और गढ़ीकैंट क्षेत्र में एकत्रित हुए। पुलिस प्रशासन ने सभी साथियों को चौकी धारा और चौकी घंटाघर ले जाकर हिरासत में लिया, जहाँ से उन्हें दोपहर 3:10 बजे रिहा किया गया। बाद में, OPS से संबंधित ज्ञापन चौकी प्रभारी को सौंपा गया।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन OPS का कोई जिक्र न होना निराशाजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि OPS केवल एक योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में स्थिर और सुनिश्चित आय देती है।
प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहाँ एक दिन के सांसद और विधायक को पुरानी पेंशन का लाभ मिलता है, वहीं तीन-चार दशक सेवा करने वाले कर्मचारी इससे वंचित रह जाएँ, यह पूर्ण अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए घोषणा की कि आगामी 1 मई को गढ़वाल कमिश्नरी पौड़ी का विशाल घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से हजारों अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी भाग लेंगे। उन्होंने सरकार से धैर्य की परीक्षा न लेने और तत्काल OPS बहाल करने की मांग की।

प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवान ने वर्तमान राष्ट्रीय पेंशन व्यवस्था (NPS) को जोखिम भरा बताते हुए कहा कि कर्मचारियों की कमाई को शेयर बाजार में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने OPS को सुरक्षित, गारंटीड और पारदर्शी व्यवस्था करार दिया जो कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा करती है।
जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अंकित रौथान ने सरकार से ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यह मुद्दा कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा से जुड़ा है। OPS लागू होने से लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
इस अवसर पर प्रवीण घिल्डियाल, राकेश, पवन नौटियाल, आशीष, सुनील नेगी, दिगपाल बिष्ट सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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