प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे पर कांग्रेस ने उठाए ज्वलंत मुद्दे,गणेश गोदियाल बोले—वादों पर खरा उतरे केंद्र

आपदा, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी प्रकरण पर हो ठोस निर्णय

देहरादून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देहरादून आगमन पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उनका स्वागत करते हुए राज्य से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के उत्तराखंड आगमन का स्वागत करती है, लेकिन साथ ही यह भी चाहती है कि वह अपने इस दौरे के दौरान राज्य की गंभीर समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करें।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह के माध्यम से जारी बयान में गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब-जब उत्तराखंड आए हैं, तब-तब उन्होंने राज्य की जनता से अनेक वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव रहे हों या 2024 के लोकसभा चुनाव, प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की जनता से कई आश्वासन दिए थे। गोदियाल के अनुसार, राज्य की भोली-भाली जनता ने उन वादों पर विश्वास करते हुए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत दिया, इस उम्मीद के साथ कि राज्य की समस्याओं का समाधान होगा और देवभूमि की जनता से किए गए वादों की गरिमा रखी जाएगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीते दस वर्षों के बाद भी उत्तराखंड की जनता, विशेषकर युवा वर्ग, अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उनका कहना था कि भाजपा सरकारें जनता से किए गए वायदों को पूरा करने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठा सकीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गंगा ने बुलाया है और गंगा ने उन्हें गोद लिया है। गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि गंगा की प्रसूता धरती देवभूमि उत्तराखंड ही उपेक्षित रह गई और प्रधानमंत्री राज्य के कई दौरों के बावजूद ऐसी कोई ठोस योजना नहीं दे पाए, जिससे यहां के युवाओं और मातृशक्ति को वास्तविक राहत मिल सके तथा उनके सिर का बोझ कम हो।

गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड हर वर्ष भीषण दैवीय आपदाओं का सामना करता है। इन आपदाओं में न केवल जानमाल की भारी क्षति होती है, बल्कि अनेक लोगों को अपने प्राण भी गंवाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती। कांग्रेस का कहना है कि इससे राज्य के लोगों में यह भावना बन रही है कि प्रधानमंत्री उत्तराखंड केवल दौरे और औपचारिकताओं के लिए आते हैं, जबकि यहां की जनता के दुख-दर्द से उनका वास्तविक सरोकार दिखाई नहीं देता।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं पर अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे युवाओं का भरोसा भर्ती प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था दोनों पर कमजोर हुआ है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि इस घटना ने देवभूमि के माथे पर कलंक का धब्बा लगाया है और आज तक पीड़ित परिवार तथा प्रदेश की जनता को पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध को हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न्याय की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सकी। गोदियाल ने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित वीआईपी व्यक्ति के रूप में भाजपा के एक शीर्ष नेता का नाम चर्चा में रहा, लेकिन उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और न ही उसे पूरी तरह जांच के दायरे में लाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मामले की सीबीआई जांच की घोषणा का वादा तो किया गया, परंतु केंद्र सरकार की ओर से भी इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं दिखाई दी। इससे लोगों में यह आशंका पैदा होती है कि कहीं प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से अपेक्षा जताई है कि वे अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान राज्य की इन ज्वलंत समस्याओं—आपदा प्रबंधन, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और अंकिता भंडारी प्रकरण—पर ठोस और सकारात्मक निर्णय लेंगे। पार्टी का कहना है कि उत्तराखंड की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री के दौरे के अवसर पर कांग्रेस ने राज्य के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए भाजपा सरकारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रधानमंत्री के इस दौरे से उत्तराखंड की जनता को कोई नई सौगात, भरोसा या समाधान मिलता है या नहीं।

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