2 माह बाद लौटी बेटी झारखंड, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलके

देहरादून। दो महीने की अथक मशक्कत और संवेदनशील पुलिसिंग का जीता-जागता उदाहरण पेश करते हुए दून पुलिस ने झारखंड के सिमडेगा जिले से लापता मानसिक रूप से कमजोर बालिका को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया। एसएसपी प्रेमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन स्माइल’ अभियान ने एक बार फिर परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। परिजनों ने भावुक होकर पुलिस टीम का दिल से आभार जताया।

13 फरवरी 2026 को घंटाघर, देहरादून में संदिग्ध और लावारिस अवस्था में घूमती बालिका को एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम व आसरा ट्रस्ट ने संरक्षित किया। सुरक्षा के मद्देनजर सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमिटी) के आदेश से केदारपुरम स्थित राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र भेज दिया गया। मानसिक रूप से कमजोर बालिका अपना पूरा पता स्पष्ट न बता सकी, जिससे चुनौती बढ़ गई।

ऑपरेशन स्माइल टीम ने गहन बातचीत, लगातार जांच और सुरागरसी शुरू की। सोशल मीडिया, अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया तथा झारखंड पुलिस से समन्वय स्थापित कर थाना उड़गा, जिला सिमडेगा का सुराग लगाया। परिजनों से संपर्क कर सूचना दी और उन्हें देहरादून बुलाया। सीडब्ल्यूसी के आदेशानुसार बालिका को सकुशल सुपुर्द कराया गया।

अपनी पुत्री को दो महीने बाद सही सलामत देखकर परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि दून पुलिस ने उनका सुकून लौटा दिया। यह घटना राज्यव्यापी ‘ऑपरेशन स्माइल’ अभियान की सफलता का प्रतीक बनी, जहां एसएसपी ने सभी अधीनस्थों को गुमशुदों की तलाश में टीमें गठित कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

​अपनों से मिलाने वाली टीम में उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, हेoकांo मलकीत कौर, कांo मुकेश कुमार, रमन चौधरी एवं नंदकिशोर हैं । दून पुलिस बिछड़े हुए चेहरों पर मुस्कान लौटाकर बेसहारा लोगों का संबल बन रही है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments