देहरादून।जनपद में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और संस्थागत प्रसव के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को दोहरी रणनीति पर काम किया। एक ओर जहाँ विकासनगर ब्लॉक के सभावाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, वहीं दूसरी ओर देहरादून शहरी और रायपुर क्षेत्र में विभागीय टीमों ने घर-घर जाकर महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के फायदों के बारे में जागरूक किया।
ग्राम सभावाला में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में मातृत्व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। यहाँ फिजिशियन, महिला चिकित्सा अधिकारी और बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने कुल 40 महिलाओं की एएनसी (ANC) जांच की। शिविर की खास बात यह रही कि इसमें 10 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान कर उनकी विशेष जांच की गई और उन्हें सुरक्षित प्रसव हेतु अनिवार्य रूप से चिकित्सालय जाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया और टीबी जांच, किशोर स्वास्थ्य तथा गैर-संचारी रोगों (NCD) से संबंधित सेवाएं भी दी गईं। लाभार्थियों की मौके पर ही ‘आभा आईडी’ भी बनाई गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार चौहान और पीएचसी सभावाला प्रभारी डॉ. अली हैदर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


दूसरी ओर, रायपुर और देहरादून के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का संदेश घर-घर पहुँचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने चानचक बंजारावाला, मुस्लिम कॉलोनी, बिंदाल कॉलोनी और प्रकाश नगर जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान टीमों ने न केवल गर्भवती महिलाओं से संवाद किया, बल्कि उनके पति, सास-ससुर और अन्य परिजनों को भी जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि अस्पताल में प्रसव कराने से माँ और नवजात शिशु दोनों को सुरक्षित वातावरण मिलता है और किसी भी आपात स्थिति में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहती है।
अभियान के दौरान ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पंचम बिष्ट, संगीता नवानी, बबीता मिश्रा, एएनएम, आशा फैसिलिटेटर और आशा कार्यकत्रियां सक्रिय रहीं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है।

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