गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलते ही गूंजे जयकारे, प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच 9800 यात्रियों ने किए दर्शन
उत्तरकाशी।देवभूमि उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शंखनाद रविवार को श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कपाटोद्घाटन के पहले ही दिन दोनों धामों में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा, जो तीर्थयात्रियों की अटूट श्रद्धा और प्रशासन की सफल तैयारियों को रेखांकित करता है। कड़ाके की ठंड और ऊचाई के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और जयकारों की गूँज से पूरी घाटी भक्तिमय हो गई।
यात्रा के पहले दिन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री धाम में 8200 और गंगोत्री धाम में 1600 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इस प्रकार पहले ही दिन कुल 9800 तीर्थयात्री धामों में पहुँचे। श्रद्धालुओं के इस समूह में 5503 पुरुष, 4033 महिलाएँ और 264 बच्चे शामिल रहे। मुख्य तीर्थयात्रियों के अलावा स्थानीय निवासियों और देव डोलियों की भी व्यापक भागीदारी रही। गंगोत्री में 1450 और यमुनोत्री में 1350 स्थानीय श्रद्धालुओं व देव डोलियों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

यात्रा के सुगम संचालन के लिए उत्तरकाशी जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। कपाट खुलने के बाद से ही प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशन में कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं हो रही है। यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर स्वास्थ्य सेवाओं, शुद्ध पेयजल और सहायता केंद्रों का जाल बिछाया गया है।
जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, जिला प्रशासन मार्ग की सुरक्षा और सुव्यवस्थित आवागमन के लिए निरंतर निगरानी रख रहा है। कपाटोद्घाटन के उपरांत अब प्रशासन का पूरा ध्यान आने वाले दिनों में बढ़ने वाली भीड़ के प्रबंधन पर है। स्वास्थ्य और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि प्रत्येक तीर्थयात्री को एक सुरक्षित, सुलभ और सुखद अनुभव प्राप्त हो सके। जिला प्रशासन ने अपील की है कि यात्री निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करें और देवभूमि की मर्यादा बनाए रखें।


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