विकासनगर/देहरादून। राजधानी देहरादून में रात के सन्नाटे को चीरते हुए उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए एक आईजी पर गंभीर आरोप लगाए। नेगी ने कहा कि बीती रात बारह-एक बजे के करीब देहरादून शहर में एक बार (मयखाना) संचालित हो रहा था, जिसे ‘रोमियो बार’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बार आईजी के स्पष्ट संरक्षण में रात तीन-चार बजे तक चलता रहता है, हालांकि इसके लिए निर्धारित समय सीमा बहुत पहले समाप्त हो चुकी होती है। नेगी ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे में यह साफ प्रतीत होता है कि इस बार में आईजी की कहीं न कहीं अघोषित हिस्सेदारी या पार्टनरशिप है, जिसके चलते दूसरे ठेकेदारों पर पाबंदियाँ तो हैं, लेकिन यह बार दिन-रात खुला रहता है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब सीओ सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने इस बार के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास किया। नेगी के अनुसार, जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू करनी चाही, आईजी स्वयं मौके पर पहुंच गए। उन्होंने न केवल कार्रवाई का विरोध किया, बल्कि पुलिस बल को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश भी की। नेगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस का कर्तव्य है, तो एक आईजी का वहां जाकर उसी कार्रवाई में बाधा डालना क्या संकेत देता है? उन्होंने कहा, “यह व्यवहार किसी जिम्मेदार अधिकारी का नहीं, बल्कि माफिया संरक्षकों जैसा है।”
नेगी ने इस पूरे मामले में पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल और सीओ सिटी प्रमोद कुमार की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि जब आईजी ने कार्रवाई का विरोध किया, तो इन दोनों अधिकारियों ने लाठी लेकर मौके पर मोर्चा संभाला और बार से आईजी सहित अन्य लोगों को खदेड़ने का साहस दिखाया। नेगी ने कहा कि एक ओर जहां ये दोनों अधिकारी काबिले तारीफ हैं, वहीं दूसरी ओर आईजी का यह रवैया पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करता है। उन्होंने कहा कि सरकार का फर्ज बनता है कि वह ऐसे गैरजिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।
नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि यह आईजी अनैतिक और नियम विरुद्ध कार्यों में खास दिलचस्पी लेते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी हरिद्वार जनपद में एक तथाकथित आईजी के संरक्षण में एक महिला की जमीन हथियाने का मामला सामने आ चुका है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद संचालित होने वाले ऐसे मयखाने सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं करते, बल्कि इनके कारण पहले भी कई वारदातें और दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उक्त बार की सीसीटीवी फुटेज जनता के सामने लाई जाए, ताकि असली तस्वीर सामने आ सके। नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने आईजी को बेनकाब नहीं किया, तो जन संघर्ष मोर्चा बहुत जल्द इस अधिकारी को सबके सामने लाकर खड़ा कर देगा।
उन्होंने घोषणा की कि मोर्चा इस मामले को शीघ्र ही सरकार और शासन के समक्ष रखेगा और ऐसे माफियाओं को संरक्षण देने वाले आईजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा ‘पिन्नी’ एवं ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा भी उपस्थित रहे।

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