रक्षा नागरिक कर्मचारियों को बड़ी राहत: सेवानिवृत्ति तक बनी रहेगी केंद्रीय कर्मचारी की मान्यता

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय परिषद जेसीएम बैठक में महत्वपूर्ण फैसला, अनुकंपा नियुक्ति का रास्ता भी साफ

नई दिल्ली। देश के रक्षा नागरिक कर्मचारियों, विशेषकर पूर्व आयुध निर्माणी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय परिषद जेसीएम (JCM) की 49वीं बैठक में ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) द्वारा उठाए गए दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है।

बैठक में एआईडीईएफ की ओर से कॉमरेड सी. श्रीकुमार एवं आर.एस. रेड्डी ने कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आयुध निर्माणियों के कर्मचारियों की “डीम्ड डेपुटेशन” अवधि को सेवानिवृत्ति तक बढ़ाने का था।

कैबिनेट सचिव ने स्पष्ट किया कि रक्षा नागरिक कर्मचारियों की मांगों पर सचिवों की समिति में विस्तार से विचार किया गया। डीओपीटी, रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) तथा विधि मंत्रालय से परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि सातों रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) में कार्यरत पूर्व आयुध निर्माणी कर्मचारियों की डीम्ड डेपुटेशन अवधि उनके सेवानिवृत्ति तक बढ़ाने की सिफारिश मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (EGOM) को भेजी जाएगी।

इस निर्णय के लागू होने के बाद कर्मचारी सेवानिवृत्ति तक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं रक्षा नागरिक कर्मचारी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रख सकेंगे। सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।

अनुकंपा नियुक्ति पर भी सरकार का सकारात्मक रुख

बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में अनुकंपा नियुक्ति का था। इस पर कैबिनेट सचिव ने रक्षा उत्पादन विभाग को निर्देश दिए कि विधि मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त कर मृत कर्मचारियों के आश्रितों को सातों डीपीएसयू में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने संबंधी निर्देश जारी किए जाएं।

बैठक में उपस्थित विधि विभाग के सचिव ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। वहीं रक्षा उत्पादन विभाग ने भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव शीघ्र ही विधि मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।

एआईडीईएफ ने बताया कर्मचारियों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत

एआईडीईएफ ने इन दोनों निर्णयों को रक्षा नागरिक कर्मचारियों के लंबे संघर्ष, कानूनी लड़ाई और निरंतर आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। फेडरेशन के नेताओं ने कहा कि यह फैसला लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

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