देहरादून। उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और उनके चार साथियों सहित नर्सिंग बेरोजगार संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ कोतवाली डालनवाला में FIR दर्ज की गई है। उन पर परेड ग्राउंड की प्रतिबंधित पानी की टंकी पर चढ़ना, आत्मदाह की धमकी देना, सड़क जाम करना और सरकारी कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। मामला मु0अ0सं0-74/2026 धारा 126(2)/221/223/226/292/329(3) BNS एवं 23 पेट्रोलियम अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।
घटना 11 मई को शुरू हुई, जब रौतेला और उनके साथी अपनी मांगों को लेकर पेयजल विभाग की प्रतिबंधित पानी की टंकी में अनाधिकृत रूप से घुसकर ऊपर चढ़ गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का लंबा प्रयास किया, लेकिन वे नीचे नहीं उतरे। इस दौरान अन्य सदस्यों ने टंकी के नीचे जमा होकर जुलूस, धरना और प्रदर्शन किया। शांति व सुरक्षा के लिए दिन-रात पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
12 मई को रौतेला ने जबरन मांगें मनवाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगाने की धमकी दी और माचिस तक निकाल ली। प्रशासन ने विनती की, लेकिन उधर नर्सिंग एकता मंच और अन्य संगठनों के सदस्यों ने परेड ग्राउंड से बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर जाम लगाया, यातायात रोका और नारेबाजी की। प्रशासन ने बातचीत कर मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर सड़क खुलवाई।
13 मई को आत्मदाह की धमकी के दबाव में प्रशासन ने आनन-फानन इनकी मांगों का प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बाद रौतेला और उनके चार साथी टंकी से नीचे उतरे। फिर भी, सड़क जाम, लोक सेवकों के आदेशों की अवज्ञा, ज्वलनशील पदार्थ रखना, लोक शांति भंग करना और जनमानस को असुविधा पहुंचाने के आरोपों में शाम को FIR दर्ज हुई।
देहरादून पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के कारण क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति सहित कई सरकारी कार्य प्रभावित हुए। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

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