देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और नशा तस्करी के खिलाफ एक साथ बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। जनपद के नगर और देहात क्षेत्रों में रातभर चले सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने 800 से अधिक वाहनों की तलाशी ली और 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इस दौरान रात में अनावश्यक रूप से घूम रहे 22 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर सत्यापन किया गया तथा सभी के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते मिले 14 लोगों को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने वाले 8 चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहन सीज कर दिए गए। इनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भी भेजी जा रही है।
अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। 11 वाहनों को सीज किया गया, जबकि 18 वाहनों का चालान कर 16 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा कई अन्य वाहनों के न्यायालयीन चालान भी किए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि देहरादून में कानून तोड़ने वालों, नशे में वाहन चलाने वालों और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ अब लगातार और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
इसी अभियान के समानांतर दून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ भी बड़ी सफलता हासिल की। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब दो लाख रुपये कीमत की 6.28 ग्राम अवैध स्मैक और 4 किलो 90 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। विकासनगर कोतवाली पुलिस ने हरबर्टपुर क्षेत्र से विनय कुश नामक आरोपी को 6.28 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया, जबकि नेहरू कॉलोनी पुलिस ने अजबपुर फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान शिवा पांडे और रवि कुमार शाह को कुल 4 किलो 90 ग्राम गांजे के साथ दबोच लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कुल मिलाकर, ऑपरेशन प्रहार ने यह साबित कर दिया है कि दून पुलिस अब केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर बहुस्तरीय कार्रवाई कर रही है। एक ओर रात में संदिग्ध गतिविधियों, शराबखोरी और यातायात उल्लंघन पर लगाम कसी जा रही है, तो दूसरी ओर नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ भी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस की यह रणनीति आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने और असामाजिक तत्वों में डर पैदा करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

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