देवभूमि में ज़मीन का महाठग : फौजियों और पहाड़वासियों को करोड़ों की चपत लगाने वाला 20 हजार का इनामी मास्टरमाइंड दबोचा

देहरादून। दून पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना रायपुर पुलिस ने 20 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे की जमीन को अपना बताकर 30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खासतौर पर पहाड़ के भोले-भाले लोगों, फौजियों और अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को स्थानीय और भरोसेमंद बताकर सस्ते दामों में जमीन दिलाने का लालच देते थे और फिर फर्जी कागजात के सहारे सौदा कर मोटी रकम हड़प लेते थे।

मामला 15 अक्टूबर 2025 का है, जब सहस्त्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि अभय कुमार, प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण ने ग्राम सौंडा सरोली स्थित भूमि को अपने परिचित की बताकर उसके फर्जी दस्तावेज तैयार किए और 30 लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए। बाद में पता चला कि जमीन के वास्तविक मालिक अलग हैं और आरोपियों को उसे बेचने का कोई अधिकार नहीं था। पैसे वापस मांगने पर दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने कूटरचित अनुबंध पत्र तैयार कर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की थी। मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी मुकदमा दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हर दो-तीन महीने में अपना ठिकाना बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी देहरादून द्वारा 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और मैनुअल इनपुट के आधार पर सूचना जुटाई कि आरोपी डालनवाला के एकता विहार में एक नई प्रॉपर्टी डील के लिए सक्रिय है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को पुलिस ने प्रदीप सकलानी और उसके सहयोगी अजय सजवाण को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि सकलानी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है, जो वर्षों से इस तरह की जमीन धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसके खिलाफ देहरादून के विभिन्न थानों में भूमि धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज मामलों में वह तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामलों में भी वांछित चल रहा था। राज्य के विभिन्न न्यायालयों में उसके खिलाफ एनआई एक्ट के भी दो दर्जन से अधिक मामले लंबित हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके गिरोह ने सुनियोजित तरीके से लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें जाल में फंसाया और फर्जी कागजों के जरिए जमीन बेचने का खेल लंबे समय से चला रखा था।

एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि भूमाफियाओं और इस तरह के संगठित अपराध में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी और “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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