
20 हजार के इनामी प्रदीप सकलानी की पूछताछ से खुला राज, बुजुर्ग महिला की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर तीन लोगों को बेची थी संपत्ति
देहरादून। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने शनिवार को संगठित भूमि धोखाधड़ी के मामले में वार्ड नंबर 56 के पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 20 हजार रुपये के इनामी मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी की पूछताछ में सामने आए खुलासों की कड़ी में हुई है जिसे एक दिन पहले ही रायपुर पुलिस ने दबोचा था।
बुजुर्ग महिला की जमीन लूटने का शातिर खेल
पूरे मामले की जड़ में एक बुजुर्ग महिला प्रतिमा लाखीराम कंसवाल निवासी दिव्या कॉम्प्लेक्स, नालासोपारा, पालघर (महाराष्ट्र) की देहरादून स्थित बहुमूल्य भूमि है। अभियुक्त प्रदीप सकलानी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उक्त बुजुर्ग महिला के दोनों पुत्रों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और उसके आधार पर जमीन के कूटरचित दस्तावेज बनाकर उसी संपत्ति को तीन अलग-अलग व्यक्तियों को बेच दिया। थाना नेहरू कॉलोनी में इस मामले में मुकदमा संख्या 82/26 धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत है।
पूछताछ में खुले कई नाम, बनाई गई स्पेशल टीमें
21 मई को प्रदीप सकलानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब गहन पूछताछ की तो उसने कई संदिग्ध सहयोगियों के नाम उगले। इनमें पार्षद अमित भंडारी के साथ-साथ हेम भट्ट, अमजद खान, शौकत अली व अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आए। एसएसपी देहरादून ने तत्काल सभी संदिग्धों से पूछताछ के लिए स्पेशल टीमें गठित कीं और इन सभी को अलग-अलग थानों पर लाकर गहनता से पूछताछ की गई।

पत्रकार हेम भट्ट के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि पूछताछ के लिए लाए गए पत्रकार हेम भट्ट से विस्तृत पूछताछ के बाद प्राथमिक रूप से उनके विरुद्ध कोई पुष्ट साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। हेम भट्ट और अभियुक्त प्रदीप सकलानी के बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। पूछताछ के लिए लाए गए अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी विवेचना में अग्रिम सहयोग की हिदायत देकर उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
जल्द आएगा PCR, और होंगे खुलासे
पुलिस ने बताया कि शीघ्र ही अभियुक्त प्रदीप सकलानी का पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लिया जाएगा जिसमें उससे पुनः गहन पूछताछ कर जमीनी धोखाधड़ी में संलिप्त अन्य लोगों की पहचान की जाएगी और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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