
मनुष्य के भीतर मृत्यु के प्रति भय को दूर करती है श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा – सूर्यकांत धस्माना
देहरादून: लोक कल्याण के लिए पार्क रोड में पंडित विकास उनियाल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आज सातवें दिवस विश्राम हो गया। विद्वान कथा व्यास पूज्य श्री प्रदीप अवस्थी ने श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का सुंदर वाचन कर श्रोता गणों का मन मोह लिया। आज समापन अवसर पर मुख्य यजमान पंडित विकास उनियाल को सपरिवार आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर कथा समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने श्रोताओं को व उनियाल परिवार को बधाई देते हुए कहा कि पवित्र उद्देश्य के हेतु कार्रवाई गई कथा, पूजा, यज्ञ अनुष्ठान का पुण्य आयोजकों व श्रोताओं को अवश्य मिलता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा मानुष को धर्मपरायण बनना सिखाती है और सद् कर्म करते हुए मनुष्य कैसे बैकुंठ धाम सिधारे इस के लिए मनुष्य के हृदय व मन से मृत्यु का भय समाप्त कर देती है। श्री धस्माना ने कहा कि वैसे तो भगवान की कथा अनंत है जो ना कभी पूरी कही जा सकती ना पूरी सुनी जा सकती वह निरंतर है असीमित है किन्तु एक ग्रंथ के रूप में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा वास्तव में मनुष्य को जागृत कर देती है और इसे श्रद्धापूर्वक सुनने वाले व आयोजन करने वालों को विशेष आशीर्वाद प्रदान करती है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मनमोहन शर्मा, डाक्टर कर्मानंद उनियाल आदि ने भी इस अवसर पर व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया व प्रसाद ग्रहण किया।

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