
देहरादून। राजधानी में चर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे संगठित गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली डालनवाला पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि हत्या जमीन हड़पने और अवैध लाभ कमाने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा थी।
गौरतलब है कि 11 फरवरी 2026 को तिब्बती मार्केट, परेड ग्राउंड के पास स्कूटी सवार दो अज्ञात हमलावरों ने अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में परिजनों की तहरीर पर कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो शूटरों पंकज राणा और राजीव उर्फ राजू को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में सामने आया कि इस हत्या के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें चार अन्य लोग शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीना शर्मा (मृतक की माता), विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि संगीता उनियाल ने उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर रखी है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गैंग लीडर विनोद उनियाल ने अपने साथियों—संगीता उनियाल, पंकज राणा, राजीव उर्फ राजू, डॉ. अजय खन्ना और बीना शर्मा—के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया था। यह गिरोह जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर अवैध लाभ अर्जित करने और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था। अर्जुन शर्मा की हत्या भी इसी आपराधिक नेटवर्क के तहत कराई गई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों के खिलाफ उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में पूर्व से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह की गतिविधियों से कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, जिसके चलते अब सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली डालनवाला में धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस मामले की विवेचना थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी मनोज नौटियाल द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गैंग के अन्य आपराधिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन प्रहार” के तहत राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे आपराधिक गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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