राज्य आंदोलनकारियों के लंबित आवेदनों को मिला नया अवसर, चिन्हीकरण अवधि दो माह बढ़ी

मुख्यमंत्री धामी के अनुमोदन के बाद शासनादेश जारी, 2021 तक लंबित आवेदनों का निस्तारण अब 24 सितम्बर 2026 तक

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2021 तक लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयावधि में विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात इस संबंध में सचिव शैलेश बगोली द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार जिलाधिकारी कार्यालयों में लंबित पड़े राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण संबंधी आवेदनों के निस्तारण हेतु निर्धारित अवधि को बढ़ाकर अब 24 जुलाई 2026 से 24 सितम्बर 2026 तक कर दिया गया है। शासन ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शासनादेश की प्रतियां सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा संबंधित विभागों को भेज दी हैं।

राज्य सरकार का मानना है कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले प्रत्येक वास्तविक आंदोलनकारी की पहचान और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुगम बनाया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र आंदोलनकारी चिन्हीकरण की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान और अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा रही है, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण संभव हो सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अवधि विस्तार के इस निर्णय से ऐसे आंदोलनकारियों को राहत मिलेगी जिनके आवेदन विभिन्न कारणों से अब तक लंबित थे तथा राज्य आंदोलन में उनके योगदान को उचित मान्यता दिलाने की प्रक्रिया और अधिक गति प्राप्त करेगी।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments