यूजेवीएन लिमिटेड का महा-अभियान: ‘एक वृक्ष दस पुत्रों के समान’ के संदेश के साथ मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस

देहरादून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा जनसामान्य में पर्यावरणीय जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत निगम के विभिन्न कार्यालयों, परियोजना स्थलों, विद्युत गृहों, आवासीय परिसरों एवं परियोजना क्षेत्रों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस विशेष अवसर पर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

इसी कड़ी में यूजेवीएन लिमिटेड के मुख्यालय ‘उज्ज्वल’ में प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी एवं आशीष जैन, महाप्रबंधक भरत भारद्वाज, के.के. जायसवाल, नीरज जैन तथा राजेश मैखुरी सहित निगम के अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस विशेष तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक उत्तरदायित्व और कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जल, जंगल और जमीन प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्षारोपण को अब एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण एवं संवर्धन का दायित्व भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्राचीन संस्कृत उक्ति ‘दशकूपसमा वापी, दशवापीसमो ह्रदः। दशह्रदसमो पुत्रो, दशपुत्रसमो द्रुमः॥’ का उल्लेख किया। उन्होंने इसका अर्थ समझाते हुए कहा कि हम प्राचीन काल से ही मानते आ रहे हैं कि दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ियों के बराबर एक सरोवर, दस सरोवरों के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है। यह श्लोक भारतीय संस्कृति में प्रकृति और वृक्षों के प्रति आदर एवं संवेदनशीलता का अनूठा प्रतीक है। वृक्ष केवल जीवनदायी ऑक्सीजन ही प्रदान नहीं करते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन, जलवायु संतुलन तथा पर्यावरणीय स्थिरता के आधार स्तंभ भी हैं। इसलिए “एक वृक्ष दस पुत्रों के समान” का संदेश आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी हो गया है।

अजय कुमार सिंह ने आगे कहा कि उत्तराखण्ड जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्य में पर्यावरण संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में कार्यरत होने के नाते यूजेवीएन लिमिटेड सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा अवसंरचना के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। निगम द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, ताकि समाज में प्रकृति के प्रति सकारात्मक चेतना विकसित हो सके।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व, जनभागीदारी और हरित भविष्य के निर्माण का एक सशक्त संदेश है। यूजेवीएन लिमिटेड भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लिए ऐसे जनहितकारी और प्रेरणादायी प्रयास निरंतर जारी रखेगा।

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