101 दिन की तपस्या, सरकार फिर भी बेखबर – अब मुंडन से पदयात्रा तक, गैरसैंण आंदोलन की आग हुई और तेज

13 अगस्त को क्लॉक टॉवर पर होगा सामूहिक मुंडन,15 अगस्त से देहरादून-गैरसैंण पदयात्रा का शंखनाद

देहरादून। गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित कराने की मांग को लेकर एकता विहार धरना स्थल पर चल रहे क्रमिक अनशन ने मंगलवार को 101 दिन का ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। ‘स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति’ का यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर आ चुका है – सरकार की घोर बेरुखी के जवाब में समिति ने आंदोलन को उग्र करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

मंगलवार को अनशन की कमान सत्य प्रकाश कोठियाल ने संभाली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में आस्था जताते हुए कहा कि केवल भाजपा सरकार ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने का साहस दिखा सकती है। समिति के अन्य पदाधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि यदि भाजपा सरकार यह ऐतिहासिक निर्णय लेती है तो पूरी समिति और क्षेत्र की जनता खुलकर उसका समर्थन करेगी। लेकिन फिलहाल राज्य सरकार का ढुलमुल रवैया देख ऐसी कोई उम्मीद नजर नहीं आती, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश है।

समिति ने कहा कि 101 दिन बीत जाने के बाद भी सत्ता के नशे में चूर प्रदेश सरकार ने इस जन-आंदोलन की सुध लेना तक मुनासिब नहीं समझा। लोकतंत्र में जनआवाज की इस अनदेखी को समिति ने बेहद निंदनीय बताया और दो टूक कहा – “फल की चिंता किए बिना हम कर्म जारी रखेंगे, यह मशाल तब तक नहीं बुझेगी जब तक गैरसैंण को उसका हक नहीं मिल जाता।”

सरकार की हठधर्मिता के विरोध में समिति ने अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। 13 अगस्तको देहरादून के ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर पर समिति के सदस्य और आंदोलनकारी सामूहिक मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना तीखा प्रतिरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देहरादून से गैरसैंण तक एक विशाल पदयात्रा का आगाज होगा, जो पूरे राज्य में जनक्रांति की नई अलख जगाएगी।

समिति ने समस्त उत्तराखंडवासियों, मातृशक्ति और युवाओं से इस स्वाभिमान की लड़ाई में बढ़-चढ़कर साथ आने का आह्वान किया है।

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