
देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तराखंड ने राजधानी स्थित दून अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उमा गौड़ रिसौदिया के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कई कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और अस्पताल परिसर का अवलोकन किया। इसके बाद पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में संसाधनों की भारी कमी के कारण मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि बेड कम होने से कई मरीजों का इलाज फर्श पर करना पड़ रहा है, जबकि गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर एवं ट्रॉली उपलब्ध न होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ता है।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि अस्पताल में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी संतोषजनक नहीं है। उमा गौड़ रिसौदिया ने कहा कि कई चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते इमरजेंसी सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। उन्होंने अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद अस्पताल में केवल एक एमआरआई मशीन संचालित हो रही है, जिस पर प्रतिदिन लगभग 250 से 300 मरीजों का भार रहता है। पार्टी ने सरकार से अस्पताल में अतिरिक्त बेड बढ़ाने, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की शीघ्र नियुक्ति करने, सभी जरूरी दवाइयों की निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित करने, सफाई व्यवस्था में सुधार लाने तथा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नियमित निरीक्षण कराने की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान श्याम बाबू पांडेय, डीएस कौटिल्य, शरद जैन, शैलेश तिवारी, आकाश भट्ट राजपूत, वीएन शर्मा, वीके बजाज, राजीव तोमर, कविता, गीता, शुभम, नासिर खान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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