88 वर्षीय पूर्व डीआईजी इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्मश्री, तीन दशक से खुद सड़कें साफ कर दे रहे स्वच्छता का संदेश

चंडीगढ़। समाज सेवा की मिसाल बन चुके पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त डीआईजी इंदरजीत सिंह सिद्धू को स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री-2026 से सम्मानित किया है। 88 वर्षीय सिद्धू पिछले कई वर्षों से बिना किसी प्रचार-प्रसार के चंडीगढ़ की सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की स्वयं सफाई कर नागरिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

इंदरजीत सिंह सिद्धू ने पुलिस सेवा में लंबे समय तक कार्य करने के बाद वर्ष 1996 में डीआईजी पद से सेवानिवृत्ति ली। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में स्वच्छता को अपना मिशन बना लिया। प्रतिदिन सुबह वे झाड़ू और हाथगाड़ी के साथ निकलकर अपने क्षेत्र की सफाई करते हैं तथा लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं।

उनका यह कार्य वर्षों तक बिना किसी चर्चा के चलता रहा। बाद में सोशल मीडिया पर उनकी सफाई करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश का ध्यान उनकी ओर गया। उनके निस्वार्थ सेवा भाव की व्यापक सराहना हुई और अंततः भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद्मश्री प्रदान किया गया। इस सम्मान के बाद भी सिद्धू की दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया है। वे पहले की तरह नियमित रूप से स्वच्छता अभियान में जुटे रहते हैं।

इंदरजीत सिंह सिद्धू का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उनका जीवन संदेश देता है कि समाज सेवा के लिए पद या उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण आवश्यक होता है।

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