
पौड़ी गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा विकासखंड में शनिवार को गुलदार के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से आदमखोर गुलदार को तत्काल पकड़ने या मार गिराने तथा प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच पट्टी बिजलौट के ग्राम सभा बणासी तल्ली निवासी सुशीला देवी अपनी साथी शांति देवी के साथ गांव के ऊपरी हिस्से में घास काटने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर सुशीला देवी को अपना शिकार बना लिया। शांति देवी के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और महिला की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दे दी गई है। क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप रावत को भी मामले से अवगत करा दिया गया है, जबकि क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रकीर्ण नेगी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में वन्यजीवों के बढ़ते आतंक को लेकर भारी आक्रोश है।
इस घटना पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र भेजकर पीड़ित परिवार को तत्काल हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

धीरेंद्र प्रताप ने आरोप लगाया कि सरकार ने उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बाघ, गुलदार, हाथियों के हमलों और सड़क दुर्घटनाओं के भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आखिर कब तक निर्दोष ग्रामीण जंगली जानवरों का शिकार बनते रहेंगे। अब समय आ गया है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मानव-वन्यजीव संघर्ष पर ठोस और प्रभावी नीति बनाई जाए।
उन्होंने मांग की कि मृतका के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए, आदमखोर गुलदार को शीघ्र धराशायी किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग और प्रशासन विशेष अभियान चलाए।

Recent Comments