
देहरादून । दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टरों ने एक 41 वर्षीय महिला के पेट से करीब साढ़े चार किलोग्राम वजन का दुर्लभ ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉइड निकाल महिला की जान बचाई है। जटिल सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ है।
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि सहारनपुर निवासी फरहाना पिछले एक माह से पेट का आकार तेजी से बढ़ने और निचले हिस्से में दर्द से परेशान थीं। जांच में उनके पेट में 36 सप्ताह की गर्भावस्था के बराबर आकार का ट्यूमर मिला। एमआरआई में विशाल ठोस एवं सिस्टिक द्रव्यमान दिखाई दिया। शुरुआती जांच में इसे फाइब्रॉइड या अंडाशय का ट्यूमर माना जा रहा था, लेकिन ट्यूमर मार्कर सामान्य मिलने से कैंसर की आशंका खारिज हो गई। एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान दाहिनी ओर ब्रॉड लिगामेंट में लगभग 30×40 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉइड मिला, जिसे सफलतापूर्वक निकालने के बाद टोटल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी और लेफ्ट साल्पिंगेक्टॉमी की गई।
यह चुनौतीपूर्ण सर्जरी डॉ. गीता जैन के मार्गदर्शन में डॉ. वंदना बिष्ट, डॉ. नीतू कोच्छड़, डॉ. नफीस फातिमा, डॉ. अभिलाषा तोमर और उनकी टीम ने की। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉइड अत्यंत दुर्लभ होता है और बड़े आकार में पहुंचने पर इसका ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

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