
डॉ प्रतिमा बोली जनरल डायर जैसी भूमिका निभाने वाले अब भी आज़ाद
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने रामपुर तिराहा कांड मामले में माननीय न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक और न्यायसंगत बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य आंदोलन के उन सात शहीदों की आत्मा की शांति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए प्राणों की आहुति दी थी।
डॉ. सिंह ने कहा कि रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड के इतिहास की सबसे क्रूर घटनाओं में से एक रहा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के तीन दशक लंबे संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से दोषियों को सजा दिलाने के पक्ष में रही है। उन्होंने वर्ष 2024 में आए उस फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें पीएसी के दो दोषी जवानों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस कांड में उच्च पदों पर बैठे वे लोग, जिनके इशारों पर यह अमानवीय घटना हुई, अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जनरल डायर’ जैसी भूमिका निभाने वाले अब भी आज़ाद घूम रहे हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि इस घटना के बाद ही उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन ने व्यापक रूप लिया और अंततः राज्य का गठन संभव हो सका। उन्होंने कहा कि भले ही न्याय मिलने में लंबा समय लगा हो, लेकिन न्यायालय के फैसलों ने कानून के शासन और न्यायपालिका में जनता के विश्वास को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला शहीदों के परिजनों और आंदोलनकारियों के वर्षों के दर्द पर मरहम का काम करेगा। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आंदोलनकारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई का समर्थन किया है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने सभी सात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए उनके संघर्षों को हमेशा याद रखा जाएगा।

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