
कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल पर उठाए तीखे सवाल, कहा — बयानबाज़ी से नहीं होता विकास
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पाँच वर्षों और भाजपा सरकार के साढ़े नौ वर्षों के शासनकाल को लेकर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सरकार के कामकाज को दिशाहीन और जनविरोधी करार देते हुए कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री या दल केवल झूठे दावों और प्रचार-प्रसार के बूते इतिहास में अपनी जगह नहीं बना सकता। इतिहास सदैव धरातल पर हुए वास्तविक कार्यों से ही लिखा जाता है।
गोदियाल ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि भाजपा सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने बताया कि 2017 में जब कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी थी, तब प्रदेश पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि आज भाजपा के कुप्रबंधन के चलते यह आँकड़ा एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उनके अनुसार सरकार राजस्व के नए स्रोत तलाशने में विफल रही है और राज्य का बजट महज़ आँकड़ों की जादूगरी बनकर रह गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित हैं, और विकास सिर्फ कागज़ों तथा होर्डिंग्स तक सिमट कर रह गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विकास के मोर्चे पर नाकाम रहने के बाद अब मुख्यमंत्री धामी आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ध्रुवीकरण की राजनीति की ओर बढ़ चले हैं। जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए तीखी बयानबाज़ी और नफरत की राजनीति को हवा दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल में उभर रहे आंतरिक विरोधाभासों को धामी संभाल नहीं पा रहे हैं। भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है, जबकि कांग्रेस पृष्ठभूमि से आए नेताओं का सरकार में दबदबा साफ नज़र आता है — जो पार्टी में नेतृत्व के संकट को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री को सीधी नसीहत देते हुए गोदियाल ने कहा कि इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए जनहित में बड़े और दूरगामी निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और प्रदेश कर्ज के भारी बोझ तले दबा है। ऐसे हालात में केवल चुनावी बयानबाज़ी से इतिहास नहीं रचा जा सकता, इतिहास सिर्फ ठोस जनहित कार्यों से ही लिखा जाता है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी गोदियाल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच किस मुकाम पर पहुँची है, इसकी जानकारी सरकार अब तक जनता के सामने नहीं ला सकी है। मामले में वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि ऐसे व्यक्ति का देवभूमि में स्वागत कर पहाड़ की बेटियों का अपमान किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई से त्रस्त जनता को दृष्टिपत्र में किए गए वादे पूरे होते नहीं दिख रहे, और अब जनता भाजपा की असलियत भांप चुकी है। गोदियाल ने विश्वास जताया कि 2027 में भाजपा की सत्ता से विदाई तय है।

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