
देहरादून । ग्राफिक एरा में विशेषज्ञ ने कहा कि मानवीय मूल्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ समाज के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में शिक्षा को मानवीय मूल्यों से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया गया। एफडीपी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि मानवीय मूल्य वह मजबूत सूत्र हैं, जो पूरे समाज और विश्व को एकता के धागे में पिरोकर रखते हैं। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
एआईसीटीई के रिसोर्स पर्सन डा. हिमांशु कुमार राय ने कहा कि आत्म-जागरूकता, आत्म-अन्वेषण और आत्म-मूल्यांकन ही व्यक्ति के वास्तविक विकास की पहली सीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं को सही ढंग से समझना सीखता है, तभी वह अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार में संतुलन स्थापित कर पाता है।
इस एफडीपी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ (यूएचवी) सेल और एआईसीटीई के संयुक्त रूप से किया। इस एफडीपी में यूनिवर्सिटी के प्रो वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, यूएचवी सेल की यूनिवर्सिटी कोऑर्डिनेटर डा. रिचा थपलियाल के साथ एआईसीटीई से डा. प्रियंका राय और कुंवर दीप नारायण, डा. ए एस शुक्ला, डा. दिव्या वेणुगोपाल, डा. डी.पी. सिंह, डा. चंद्र किशोर, डा. अनुराग विद्यार्थी और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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