खामेनेई को अंतिम विदाई: तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, भारत समेत 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल

तेहरान, । ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शनिवार से राजधानी तेहरान में शुरू हो गई। ग्रैंड मोसल्ला परिसर में उनके पार्थिव शरीर को कांच के ताबूत में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां लाखों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ईरानी सरकार का अनुमान है कि अंतिम विदाई समारोह में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है। समारोह में भारत सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हालिया युद्ध के दौरान हुए एक हवाई हमले में 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई तथा उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। हालांकि इस घटना को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग भावुक नजर आए। कई श्रद्धालु रोते हुए दिखाई दिए, जबकि कुछ ने हम सब एक हैं, बदला लेंगे जैसे नारे लगाए। शिया परंपरा के अनुसार अनेक लोगों ने छाती पीटकर शोक व्यक्त किया। राजधानी तेहरान में खामेनेई के चित्रों वाले बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं और पूरे शहर में शोक का माहौल है।
27 वर्षीय हनानेह मौसवी, जो अपनी मां के साथ अंतिम संस्कार में पहुंचीं, ने कहा, मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आई हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा।
अंतिम संस्कार के लिए तैयार किए गए मंच को उसी शैली में बनाया गया है, जहां खामेनेई अपने सार्वजनिक संबोधन किया करते थे। उनके ताबूत के ऊपर उनकी काली पगड़ी रखी गई, जिसे पैगंबर मोहम्मद के वंशज होने का प्रतीक माना जाता है। उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी वहीं रखे गए।
ईरानी प्रशासन का कहना है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कई दिनों तक चलेगी। इसके बाद पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि के लिए ले जाया जाएगा तथा पड़ोसी देश इराक भी ले जाने की योजना है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तेहरान की कई प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं और हवाई क्षेत्र पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। सैयद अता हसनैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रिपोर्टों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान के संभावित नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल होंगे या नहीं। इस बीच, इजरायल की ओर से मोजतबा खामेनेई को लेकर कथित धमकियों के बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार के गलत आकलन से बचा जाए।
ईरानी अधिकारियों का मानना है कि यह अंतिम संस्कार वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के अंतिम संस्कार के बाद देश का सबसे बड़ा जनसमूह साबित हो सकता है।

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