देहरादून में अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का बड़ा वार, 170 बीघा जमीन पर बुलडोजर – कॉलोनाइजरों में हड़कंप

देहरादून। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग व अनियोजित निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ा अभियान चलाते हुए 170 बीघा से अधिक भूमि पर कार्रवाई की है। मसूरी, थानों, रानीपोखरी, प्रेमनगर और शिमला बाईपास से जुड़े क्षेत्रों में एक साथ हुई इस कार्रवाई में अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया, जबकि कई स्थानों पर बिना स्वीकृति निर्माण को सील कर दिया गया।

एमडीडीए की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में रानीपोखरी के ग्राम गडूल सूर्यधार में करीब 50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। यहां बिना अनुमति सड़कों और प्लॉटों का विकास किया जा रहा था, जिसे मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। वहीं थानों क्षेत्र में भी लगभग 2 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को खत्म किया गया।

अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई देहरादून के पेलियो गणेशपुर क्षेत्र में सामने आई, जहां लगभग 100 से 150 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर प्राधिकरण ने सख्त एक्शन लेते हुए ध्वस्तीकरण किया। इसके अलावा थानों-धारकोट मार्ग स्थित ग्राम ककोट में बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाई। प्रेमनगर के केहरी गांव में हाईटेंशन लाइन के नीचे बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया, जबकि मसूरी के आर.के. वर्मा रोड स्थित जायसवाल एस्टेट में भी बिना स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को अवैध परियोजनाओं में निवेश से बचाने की पहल भी है। लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते अनियोजित शहरीकरण को देखते हुए अब एमडीडीए सक्रिय निगरानी के साथ स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहा है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट कहा कि देहरादून और मसूरी का विकास मास्टर प्लान के अनुरूप ही होगा और नियमों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर की आधारभूत संरचना प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों की जमा पूंजी भी जोखिम में पड़ती है।

वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र के सभी सेक्टरों में नियमित निगरानी की जा रही है और जहां भी अवैध निर्माण या प्लॉटिंग मिलेगी, वहां तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।

एमडीडीए की इस व्यापक कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब देहरादून में अवैध कॉलोनियों और नियमविरुद्ध निर्माण के लिए कोई जगह नहीं है और भविष्य का विकास केवल नियोजित ढांचे के तहत ही आगे बढ़ेगा।

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