विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में आयुर्वेद की अहम भूमिका, राज्यपाल ने विवि को दिए शोध तेज करने के निर्देश

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से बुधवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, देहरादून के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान कुलपति ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों, चल रही अनुसंधान परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विकसित की जा रही अवस्थापना सुविधाओं और संस्थागत विकास कार्यों की जानकारी भी दी। इस अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक “आयुर्गाथा” और एक लघु फिल्म राज्यपाल को भेंट की।

राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि वह वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर नई दिशा प्रदान करे।

साथ ही राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अवस्थापना सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने तथा शोध एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान से जोड़ो – राज्यपाल का विवि को निर्देश

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments